चीन के शांक्सी प्रांत में स्थित विवनलिंग पर्वत श्रृंखला में एक युवक 10 दिन तक फंसा रहा। इस दौरान उसे कड़ाके की सर्दी, खाने की कमी और शारीरिक चोटों का सामना करना पड़ा। युवक ने अपनी जान बचाने के लिए टूथपेस्ट खाकर जिंदा रहने की कोशिश की। आखिरकार, एक रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान उसे बर्फीले पहाड़ों से सुरक्षित निकाला गया।
सोलो हाइकिंग के दौरान हुई परेशानी
यह घटना 8 फरवरी को हुई जब 18 साल का युवक, सुन लियांग, शांक्सी प्रांत के विवनलिंग पर्वत श्रृंखला की ओर सोलो हाइकिंग (एकल यात्रा) पर निकला। यह इलाका अत्यंत दुर्गम और बर्फीला है, जहां वनस्पतियों से ढकी ऊंची पर्वत श्रृंखलाएं हैं। सुन के पास कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण थे, लेकिन बैटरी खत्म हो जाने के बाद वह अपने परिवार से संपर्क नहीं कर सका।
सर्दी और चोट के बीच संघर्ष
सुन लियांग ने पर्वत पर चढ़ाई करते वक्त फिसलकर अपना दाहिना हाथ फ्रेक्चर कर लिया। इस मुश्किल वक्त में उसने चट्टान के पीछे सूखी घास और पत्तियों से बिस्तर बना लिया। खाने का सामान भी खत्म हो चुका था और सर्दी इतनी कड़ी थी कि उसे अपनी जान बचाने के लिए टूथपेस्ट तक खानी पड़ी।
रेस्क्यू ऑपरेशन
सुन के परिवार ने उसे ढूंढने के लिए प्रशासन से मदद मांगी। इसके बाद रेस्क्यू टीम ने विवनलिंग पर्वत पर आग लगाई ताकि धुआं देखकर सुन को मदद के लिए पुकारने का मौका मिल सके। जब धुआं देखा, तो सुन ने मदद के लिए शोर मचाया और उसे बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। यह पर्वत श्रृंखला पिछले दो दशकों में कई ट्रैकर्स के लिए मौत का कारण बन चुकी है। 50 से अधिक लोग इस इलाके में लापता हो चुके हैं या मारे जा चुके हैं। प्रशासन ने 2018 में इस क्षेत्र में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया था, लेकिन फिर भी कई लोग यहां ट्रैकिंग करते हैं। बताया जा रहा है कि सुन लियांग इस खतरनाक इलाके से बचाया गया पहला व्यक्ति है।