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विदेशों में भी बढ़ी जबलपुर की OFK में बनी आयुध सामग्री की मांग

 शहर स्थित आयुध निर्माणी खमरिया (OFK) में तैयार किए जा रहे तोप और गोलों की मांग विदेशों में बढ़ने लगी है। ओएफके (OFK) प्रबंधन का कहना है कि सात देशों से एक लाख आयुध सामग्री की आपूर्ति का आर्डर मिला है। म्युनिशंस इंडिया लिमिटेड (Munitions India Limited) के माध्यम से ओएफके (OFK)  के साथ करार करने वाले देशों में म्यांमार, इंडोनेशिया, स्वीडन, युगांडा, इजराइल व अर्मेनिया जैसे देश शामिल हैं। ओएफके स्वीडन को 44 हजार कार्टेज (बम) की सप्लाई पहले भी कर चुका है।

ओएफके प्रशासन का कहना है कि विदेश को की जाने वाली सप्लाई से भारतीय सेना को की जाने वाली आयुध समग्री की पूर्ति प्रभावित नहीं होगी। ओएफके के जनसम्पर्क अधिकारी एनडी तिवारी ने शनिवार को बताया कि आयुध निर्माणी खमरिया को स्वीडन और इजराइल जैसे छह देशों से आयुध आपूर्ति का आर्डर मिला है। इन आयुधों की आपूर्ति प्रारंभ भी हो चुकी है। स्वीडन को कार्टेज केस भेजे जा चुके हैं। यहां बने उत्पादों की गुणवत्ता उच्च है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में छह प्रमुख उत्पादों पर काम चल रहा है, जिनका एक लाख से अधिक उत्पादन कर आपूर्ति किया जाना है। ये सारे उत्पाद पूरी तरह स्वदेशी हैं। किसी कंपोनेंट का आयात नहीं किया गया है। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि ये सभी कार्य भारतीय सेनाओं की मांग को प्रभावित किए बगैर किए जा रहे हैं। यहां से एल-70 के कार्टेज केस और विभिन्न प्रकार के फ्यूज निर्यात किए जा रहे हैं।

 

दरअसल, कुछ महीने पहले म्युनिशंस इंडिया लिमिटेड के सीएमडी रविकांत ने निर्माणी में पीडीएम फ्यूज को लेकर चर्चा की थी। पीडीएम फ्यूज पाकिस्तान बनाता था और दूसरे देशों को सप्लाई करता था। इसे प्रतिष्ठा से जोड़ते हुए सीएमडी ने कहा था कि जब पाकिस्तान पीडीएम-फ्यूज का निर्माण कर विदेशों को सप्लाई कर सकता है तो हम क्यों नहीं? बस यहीं से पीडीएम फ्यूज का भी उत्पादन बड़े पैमाने पर किया जाने लगा।