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दुनिया की सबसे ऊंची चिसुमले-डेमचोक सड़क देगी सामरिक मजबूती, रक्षामंत्री ने किया शुभारंभ

केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भारत के बॉर्डर इलाकों में प्रमुख इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया है। चीन के साथ करीब 20 महीने से जारी गतिरोध के बीच रक्षामंत्री ने रणनीतिक क्षमताओं की मजबूती प्रदान की है। उद्घाटन किए गए प्रोजेक्ट्स में चार राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में सीमा सड़क संगठन द्वारा निर्मित 24 पुल और तीन सड़कें शामिल हैं।

24 पुलों में नौ जम्मू और कश्मीर, पांच-पांच लद्दाख और हिमाचल प्रदेश, चीन उत्तराखंड, एक-एक सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में हैं। तीन सड़कों में से दो लद्दाख और एक पश्चिम बंगाल में है। चिसुमले-डेमचोक सड़क भारत के लिए सामरिक महत्व रखती है। इस सड़क को लद्दाख के उमलिंग दर्रे पर बनाया गया है। चिसुमले-डेमचोक सड़क को 19 हजार फीट से अधिक की ऊंचाई पर बनाया गया है।

Rajnath singh Warning

ऐसी है सड़क की विशेषता

  • चिसुमले-डेमचोक सड़क पर दुनिया की सबसे ऊंची मोटरेबल सड़क है। यह गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड है।
  • काली चोटी वाली 52 किलोमीटर की सड़क पूर्वी लद्दाख के चुमार सेक्टर के कई महत्वपूर्ण शहरों को जोड़ती है।
  • यह एक स्ट्रेटजिक पॉइंट पर स्थित है। सड़क से जुड़े गांव पूर्वी क्षेत्र में भारत-चीन सीमा के बहुत करीब हैं। इस सड़क का निर्माण हिमांक प्रोजेक्ट के तहत किया गया है।
  • इस सड़क की ऊंचाई माउंट एवरेस्ट के बेस कैंप से भी ज्यादा है। नेपाल में साउथ बेस कैंप 17,598 फीट की
  • ऊंचाई पर स्थित है, जबकि तिब्बत में नॉर्थ बेस कैंप 16,900 फीट की ऊंचाई पर है।
  • यह रोड सियाचिन ग्लेशियर की ऊंचाई से भी काफी ऊपर 17,700 फीट पर है।

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