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जून में भी स्‍कूल नहीं कर रहे छुट्टियां, पेरेंट्स ने की शिक्षा निदेशालय में शिकायत

भारत के लगभग सभी राज्‍यों के स्‍कूलों में जून के महीने में गर्मी की छुट्टियां होती हैं. कई राज्‍यों में स्‍कूलों में छुट्टियों की घोषणा भी कर दी गई है लेकिन हरियाणा में शिक्षा निदेशालय के 26 मई के आदेश को नहीं माना जा रहा है और प्राइवेट स्‍कूल खोले जा रहे हैं.

ग्रीष्मकालीन छुट्टियों (Summer Vacations) में स्कूल खोलने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने की हरियाणा अभिभावक एकता मंच की मांग पर शुक्रवार को शिक्षा निदेशालय ने राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारी व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर पूरे जून महीने में सभी स्कूलों को बंद कराने के पुनः आदेश दे दिए गए लेकिन मंच का आरोप है कि निदेशालय के इस दूसरे पत्र का भी कोई असर स्कूल प्रबंधकों पर नहीं हुआ है.

मंच की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया कि शनिवार को भी अग्रवाल स्कूल सेक्टर-3 सहित कई स्कूल खुले हुए हैं. स्कूलों में बच्चों को आने-जाने का वीडियो वायरल हो रहा है. हालांकि निदेशालय के दूसरे पत्र में लिखा गया है कि आदेश न मानने वाले स्कूलों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी. अब यह देखना है कि जो स्कूल शनिवार को भी खुले हुए हैं जिनमें बच्चों को बुलाया गया है उन पर शिक्षा विभाग क्या उचित कार्रवाई करता है.

मंच ने डॉ महावीर सिंह आईएएस अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा व शिक्षा निदेशक जे गणेशन को खुले हुए स्कूलों का वीडियो भेज कर ऐसे दोषी स्कूल प्रबंधकों के साथ-साथ जिला शिक्षा अधिकारी फरीदाबाद के खिलाफ भी उचित कार्रवाई करने की मांग की है. मंच के अध्यक्ष एडवोकेट ओपी शर्मा व प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा का कहना है कि मंच की ओर से 1 जून को ही जिला शिक्षा अधिकारी को लिखित शिकायत भेज दी गई थी कि सेक्टर तीन स्थित अग्रवाल स्कूल, तक्षशिला स्कूल सहित कई स्कूल खुले हुए हैं.

भीषण गर्मी में बच्चों को बुलाकर पढ़ाया जा रहा है लेकिन मंच के पत्र पर 2 दिन तक कोई उचित कार्रवाई नहीं की गई. जब शिक्षा निदेशालय ने इस विषय पर संज्ञान लिया तब जाकर जिला शिक्षा अधिकारी ने अपने अधीन ब्लॉक शिक्षा अधिकारी बल्लभगढ़ व फरीदाबाद को पत्र लिखकर स्कूलों को बंद कराने के आदेश दिए. मंच का कहना है कि 1 जून को खुद जिला शिक्षा अधिकारी ने यह माना कि उन्होंने कई स्कूल खुले हुए देखे हैं लेकिन उन्होंने ऐसे स्कूलों में जाना उचित नहीं समझा. यही वजह है कि शनिवार को भी स्कूल खुले हुए हैं.

मंच के प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा ने कहा कि पहले 2 महीने मई-जून की ग्रीष्मकालीन छुट्टियां हुआ करती थीं जिससे छात्र अपने अभिभावकों के साथ अपने नानी नाना, मामा मामी के घर जा सकें या परिवार सहित किसी पर्यटन स्थल पर जाकर मौज मस्ती से कुछ समय बिता सकें. अब एक तो ग्रीष्मकालीन छुट्टियां सिर्फ जून महीने की रह गई हैं उसमें भी स्कूल वाले इतना होमवर्क दे देते हैं कि बच्चे और उनके माता पिता छुट्टियों में होमवर्क को पूरा करने में लग जाते हैं. उनके पास घूमने का समय ही नहीं होता. ऊपर से अब स्कूल वाले घोषित जून की छुट्टियों में भी बच्चों को स्कूल आने के लिए मजबूर कर रहे हैं जो पूरी तरह से गलत है.

मंच ने कहा है कि इतना ही नहीं स्कूल संचालक तो गर्मियों की छुट्टियों में देश विदेश में परिवार सहित छुट्टियां मनाने चले जाते हैं लेकिन अधिकांश स्कूलों में अध्यापक व स्टाफ को छुट्टियों में भी स्कूलों में बुलाया जाता है. यह भी गलत है. छात्रों के साथ साथ अध्यापक व स्टाफ को भी ग्रीष्मकालीन छुट्टियों में नहीं बुलाना चाहिए.

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