Breaking News

कोरोना महासंकट में राहत, चौथा प्‍लेन अमेरिका से जीवन रक्षक आपूर्ति लेकर आ रहा भारत

कोरोना वायरस संक्रमण की महामारी के संकट के खिलाफ जूझ रहे भारत के लिए अमेरिका ने महत्वपूर्ण जीवन रक्षक आपूर्ति की सामग्री से भरा चौथा प्‍लेन से रवाना कर दिया है. बता दें कि इससे पहले अमेरिका तीन प्‍लेन में सामग्री पहुंचा चुका है. शुक्रवार को अमेरिका से भेजी गए बहुप्रतीक्षित सैकड़ों ऑक्सीजन सिलेंडर और रेगुलेटर समेत आपात चिकित्सा एवं राहत सामग्री की खेप लेकर तीन विमान पहुंचे थे. जीवन रक्षक आपूर्ति की सामग्री से भरे दो प्‍लेन में शुक्रवार को सुबह पहुंचे थे और एक प्‍लेन कल ही देर रात में आया था.

यूएसएड (USAID) ने बयान में कहा, ”वॉशिंगठन डीसी से यूएसएड कोविड-19 (USAID COVID19) के को-ऑर्डिनेटर जेरेमी कोनड्यक, व्हाइट हाउस राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद और भारतीय दूतावास ने चौथे विमान भारत के लोगों को महत्वपूर्ण जीवन रक्षक आपूर्ति को रवाना किया. उन्‍होंने भारत की मदद के लिए चौथे प्‍लेन में भेजी जा रही सामग्री का निरीक्षण किया

कल भारत आई थी अमेरिका से चिकित्सा एवं राहत सामग्री की बड़ी खेप
कोविड-19 महामारी से जंग में मदद के लिए अमेरिका से भेजी गए बहुप्रतीक्षित सैकड़ों ऑक्सीजन सिलेंडर और रेगुलेटर समेत आपात चिकित्सा एवं राहत सामग्री की खेप लेकर दो विमान शुक्रवार को भारत पहुंचे. अमेरिकी वायुसेना के सबसे बड़े सामरिक विमानों में से एक सी-5एम सुपर गैलेक्सी चिकित्सकीय उपकरण एवं अन्य राहत सामग्री लेकर दिल्ली पहुंचा.

अमेरिका भारत के साथ खड़ा है
अमेरिकी दूतावास ने कल शुक्रवार को ट्वीट किया था, ”अमेरिका से आपात कोविड-19 राहत सामग्री की पहली खेप भारत पहुंच गई है. 70 साल से अधिक के सहयोग को मजबूती मिली. अमेरिका भारत के साथ खड़ा है. हम लोग मिलकर कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे.

शुक्रवार रात को सी-17 ग्लोबमास्टर भी भारत पहुंचा
अमेरिकी दूतावास ने कल बताया था कि अमेरिका से बड़ी संख्या में चिकित्सा उपकरणों और अन्य सामग्री को लेकर आ रहा एक अन्य विमान सी-17 ग्लोबमास्टर भी शुक्रवार रात भारत पहुंच गया. अधिकारियों ने बताया कि चिकित्सा आपूर्ति में रेगुलेटर समेत 423 ऑक्सीजन सिलेंडर, 210 पल्स ऑक्सीमीटर, 17 बड़े ऑक्सीजन सिलेंडर, 8,84,000 रेपिड जांच किट और 84,000 एन-95 मास्क शामिल हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *