
तबतक बगल से आवाज आई काका पायलागी हमार मदद करो अब हम प्रधानी मा ठाड़ होय रहिन है। बहुत दिन बाद हमरो सीट आई है बड़े बाबा की किरपा से तो सोचित है लड़ जाइ प्रधानी कै काका का कहत हो। हा बेटवा लड़ो वोट स्पोट दूनो रही। लेकिन सुना तुमरे बगलों वाले ठाड़ होइ रहे है। लेकिन का करेका हम खुलब न वॉट तुमहिंन का देबे। अच्छा भौजी पायलगी ध्यान राखेव। आरक्षण की उठापटक ज्यों ही समाप्त हुई वैसे ही नई उमीदवारों की दंडवत आरम्भ हो गई।