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जिस पत्नी की हत्या के लिए हुई सजा, वो दूसरे पति संग होटल में मिली; अदालत ने पुलिस को लगाई फटकार

जिस पत्नी की हत्या के लिए पति को सजा भुगतनी पड़ी, वह दूसरे पति संग मिली। इस गंभीर चूक के लिए कोर्ट ने पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है। एक अदालत ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) को उस मामले में 17 अप्रैल से पहले पूरी रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है। मल्लिगे नाम की महिला के पति सुरेश ने हत्या के आरोप में लगभग डेढ़ साल जेल में बिताने पड़े।

जिसने की शिकायत पुलिस ने उसी पर लगाया हत्या का आरोप

दरअसल सुरेश ने दिसंबर 2020 में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी पत्नी मल्लिगे कोडागु जिले के कुशलनगर से लापता हो गई। इस बीच पुलिस को बेट्टादारापुरा इलाके में महिला का कंकाल मिला। अदालत में आरोप पत्र दायर किया, जिसमें आरोप लगाया कि कंकाल मल्लिगे का था और सुरेश ने उसकी हत्या की थी। सुरेश को गिरफ्तार कर लिया गया।

एक दोस्त ने महिला को दूसरे व्यक्ति के साथ देखा

इस बीच एक अप्रैल को सुरेश के एक दोस्त ने मल्लिगे को मदिकेरी में किसी अन्य व्यक्ति के साथ देखा। मामला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय के संज्ञान में लाया गया और बाद में उसे अदालत के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने गुरुवार को एसपी को 17 अप्रैल तक मामले की पूरी रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।

सुरेश के वकील पांडु पुजारी ने कहा, कुशलनगर के एक गांव के रहने वाले सुरेश ने 2020 में अपनी पत्नी के लापता होने के संबंध में कुशलनगर ग्रामीण पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। उसी समय एक कंकाल मिला। एक साल बाद पुलिस ने सुरेश को गिरफ्तार कर लिया।

व्यक्ति पर लगाया हत्या का झूठा आरोप

आरोप लगाया कि उसने अवैध संबंध के कारण अपनी पत्नी की हत्या कर दी है। पुलिस ने मल्लिगे की मां के खून के नमूने के साथ कंकाल को डीएनए परीक्षण के लिए भेजा था। डीएनए रिपोर्ट आने से पहले ही, पुलिस ने अदालत में अंतिम आरोप पत्र दायर कर दिया। बाद में, हालांकि उसे जमानत मिल गई।

डीएनए रिपोर्ट से पता चला कि कंकाल मल्लिगे का नहीं था। इस रिपोर्ट के आधार पर आवेदन दायर किया गया, तो अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया। मल्लिगे की मां और ग्रामीणों सहित गवाहों से गवाही देने को कहा। सभी ने अदालत के सामने गवाही दी कि वह जीवित है और किसी के साथ भाग गई।

अदालत ने आरोप पत्र में खामियों के बारे में पुलिस से पूछताछ की

अदालत ने आरोप पत्र में खामियों के बारे में पुलिस से पूछताछ की, लेकिन पुलिस ने कहा कि कंकाल मल्लिगे का था और सुरेश ने उसकी हत्या की थी।इस बीच एक अप्रैल को मल्लिगे को मदिकेरी के एक होटल में एक आदमी के साथ खाना खाते हुए पाया गया। उसे सुरेश के दोस्त ने देखा, जो आरोप पत्र में नामित गवाह भी है। अदालत को जानकारी दी गई।

महिला ने स्वीकारी दूसरी शादी की बात

अदालत ने पुलिस को उसे तुरंत पेश करने के लिए कहा। फिर उसे अदालत में पेश किया गया। जब उससे पूछताछ की गई, तो उसने भागकर दूसरे आदमी से शादी करने की बात स्वीकार कर ली। उसने कहा कि वह नहीं जानती कि सुरेश के साथ क्या हुआ था। वह मडिकेरी से सिर्फ 25-30 किमी दूर शेट्टीहल्ली नामक गांव में रह रही थी, लेकिन पुलिस ने उसका पता लगाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया।

पुलिस ने झूठी चार्जशीट क्यों दायर की?

वकील ने कहा कि अब अदालत के सामने मुख्य सवाल ये हैं कि कंकाल किसका था और पुलिस ने झूठी चार्जशीट क्यों दायर की? अदालत ने मामले में एसपी और जांच अधिकारियों को तलब किया था, लेकिन उनके पास देने के लिए कोई जवाब नहीं था।

अदालत के अंतिम आदेश का इंतजार

अदालत के अंतिम आदेश का इंतजार कर रहे हैं। आदेश जारी होने के बाद झूठा मामला दर्ज करने के लिए पुलिस के खिलाफ हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर करेंगे। हम मानवाधिकार आयोग और एसटी आयोग से भी संपर्क करेंगे।