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सहायक अध्यापिका के स्कूल न आने से अनुदेशक को सवाल पूछना पड़ा महगा, सहायक अध्यापिका ने जाति सूचक शब्द का किया प्रयोग

रिपोर्ट :भक्तिमान  पाण्डेय बाराबंकी: बनीकोडर क्षेत्र के सिल्हौर कम्पोजिट विद्यालय की एक अनुदेशक को अध्यापिका के स्कूल से नदारद होने की बात पूछना महंगा पड़ गया। अध्यापिका के अभद्रता व जातिसूचक शब्दों में बात करने की शिकायत पर बीईओ ने जांच के बाद मामला रफा-दफा कर दिया।  जिससे पीड़िता ने विभागीय उच्चाधिकारियों व पुलिस से शिकायत करने की बात कही है।


मामला बनीकोड़र ब्लॉक क्षेत्र के कम्पोजिट विद्यालय सिल्हौर का है। जहां की अनुदेशक एकता सिंह पुत्री सोमनाथ है। उसका कहना है कि बीते दिन विद्यालय की अध्यापिका कुसुमलता के विद्यालय से नदारद रहने की बात हेडमास्टर धीरेंद्र प्रताप सिंह से पूछी गई थी। आरोप है कि अगले दिन अध्यापिका ने विद्यालय पहुंचते ही बच्चों व अन्य स्टाफ के समक्ष उससे अभद्रता व जातिसूचक शब्दों में बात करते हुए शर्मिंदा कर दिया। जिसकी शिकायत पर बीईओ बनीकोडर संजय शुक्ला ने जांच के बाद अध्यापिका पर कार्रवाई व स्पष्टीकरण के बजाय मामले को रफा-दफा कर दिया। जिससे मनबढ़ अध्यापिका आए दिन उसे प्रताड़ित कर रही है। पीड़िता  ने मामले की शिकायत विभागीय उच्चाधिकारियों व असंद्रा पुलिस से करने की बात कही है।

उसका आरोप है कि अध्यापिका की ऊंची पहुंच से बीईओ उस पर कार्रवाई नहीं की। जबकि हेड मास्टर धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि विद्यालय में मारपीट नहीं हुई। इस संबंध में बीईओ संजय शुक्ला ने बताया कि दोनों में मारपीट नहीं विवाद था। जिसे सुलझा दिया गया है। प्रताड़ित करने की बात गलत है। वही स्थानीय लोगों ने बताया यहां पर तैनात सहायक अध्यापिका फिलहाल बहुत कम आती है और जब भी आती भी है तो 11 बजे आती है और दो बजे ही स्कूल से चली जाती है। क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि या जब भी आती हैं बच्चों को पढ़ाने के बजाय अपने मोबाइल चलाती रहती है और कुर्सी पर पैर रखकर बैठी रहती हैं और समय देखते हुए 2:00 बजे स्कूल से निकल जाती है।

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