exit poll in bihar election: चाहे बात 2015 के विधानसभा चुनाव की करें या फिर 2020 के विधानसभा चुनाव की। हर बार एग्जिट पोल बिल्कुल निराधार साबित हुए। इनकी एग्जिट पोल की सटकीता दूर-दूर तक नहीं दिखी। उधर, इस बार के विधानसभा के एग्जिट पोल भी गलत ही साबित हुए हैं, जहां इस बार आज तक, टाइम्स नाउ, चाणक्य, इंडिया टूडे सहित अन्य एजेंसियांं महागठबंधन को बहुमत पाते हुए दिखा रही थी तो वहीं एनडीए को बहुमत से काफी दूर बता रही थी, मगर चुनाव नतीजे इन एग्जिट पोल के आंंकड़ों से बेहद मुख्तिलफ नजर आए, जिससे एक बार फिर बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एग्जिट पोल की विश्वनियता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

मगर, इस बीच जहां सभी एग्जिट पोल के आंकड़ों की विश्वनियता पर सवाल खड़े हो रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ एबीवीपी सी वोटर के एग्जिट पोल के आंकड़े बिल्कुट सटीक साबित हुए हैं। एबीवीपी सी वोटर के एग्जिट पोल के आंकड़ों के मुताबिक, एनडीए को 104 से 108 और महागठबंधन को 108 से 132 और अन्य दल को 5 से 11 सीटों पर विजयी दिलाने की बात कही गई थी। उधर, अन्य एग्जिट पोल में महागठबंधन को बहुमत मिलता हुआ दिखाया गया तो वहीं एनडीए को इन आंकड़ों से दूर रखा गया। मगर, जब चुनावी नतीजोंं की घोषणा हुई है तो फिर इन आंंकड़ों के बेहद करीब महज एबीवीपी सी वोटर ही पहुंच पाया है, बाकी सभी एजेंसियां इन आंंकड़ों के बेहद दूर नजर आ रही है।
2015 का एग्जिट पोल भी हुआ था गलत साबित
यहां पर हम आपको बताते चले कि इससे पहले 2015 में भी चुनावी नतीजोंं को लेकर एग्जिट पोल के नतीजे गलत साबित हुए थे। 2015 के चुनाव को लेकर एग्जिट पोल ने जो आंंकड़े पेश किए थे। उसके मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी को 53 सीटें मिली थी। एग्जिट पोल में भाजपा के खाते में ज्यादा सीटें देती हुई दिखाई थी तो वहीं इंडिया टूडे ने 120, एबीपी न्यूज ने 130, टूडे चाणक्या ने 155, टाइम्स नाऊ ने 111 सीटों के साथ बीजेपी की जीत का दावा किया था, लेकिन जब चुनाव के नतीजे आए तो यह आंकड़े दूर-दूर तक मेल खाते हुए नहीं दिखे, जिसके बाद ये धारणा बन गई कि बिहार चुनाव में हर बार एग्जिट पोल गलत साबित होते हैं। उधर, 2020 के विधानसभा चुनाव में भी कुछ ऐसी स्थिति पैदा होती हुई दिखी है।