हर धर्म में पूजा पाठ (worship recitation) का अपना तरीका है. हिंदू धर्म में शास्त्रों में स्नान के बाद सुबह और शाम को पूजा करने का महत्व है. हर व्यक्ति अपनी श्रद्धा भाव(reverence) के अनुसार पूजा करता है. लेकिन कई बार कुछ जातकों को पूजा पाठ का सही फल नहीं मिल पाता. इसका वजह पूजा (Worship) में जाने-अनजाने में की गई गलतियों से है. आइए जानते है पूजा के दौरान आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
दीपक
जो लोग विधि-विधान से पूजा नहीं कर पाते हैं, वे भगवान के सामने सिर्फ दीपक जलाकर भी पूजा कर सकते हैं.लेकिन ये याद रखें कि दीपक को मंदिर (Temple) के अंदिर ही रखें. इसे जमीन पर रखना अशुभ होता है. इसे हमेशा थाली में या किसी स्टैंड पर रखना चाहिए.
शंख
पूजा-पाठ में शंख बजाना बहुत शुभ माना जाता है.घर के मंदिर में शंख रखना शुभ माना जाता है क्योंकि ये मां लक्ष्मी का प्रतीक होता है. इसके घर में होने से धन की समस्याएं नहीं होती. लेकिन इसे कभी भी जमीन पर न रखें इससे लक्ष्मी जी नाराज हो सकती है और आर्थिक संकट से जूझना पड़ सकता है.
मूर्ति
भगवान की मूर्ति या तस्वीर फर्श पर कभी न रखें.अगर मंदिर की साफ-सफाई भी कर रहे हैं तो इन्हें चौकी, किसी शुद्ध कपड़े या पूजा थाल में रखें. मूर्तियां नीचे रखने से देवी-देवताओं का अपमान होता है.आपके घर की शांति भंग हो सकती है.
आभूषण
सोना, चांदी, हीरा, मोती,आदि बहुमूल्य धातुओं और रत्नों को भी जमीन पर नहीं रखना चाहिए. क्योकि इसका सीधी संबंध किसी न किसी ग्रह से होता है.ऐसा करना इनका अपमान माना जाता है, रत्नों को विधि विधान से पूजा के बाद धारण किया जाता है इसे जमीन पर रखने से इसका प्रभाव कम हो सकता है. लिहाजा इन्हें हमेशा किसी कपड़े पर रखें.