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सुरक्षा परिषद में उल्टी पड़ी पाकिस्तान की चाल, 4 भारतीयों को आतंकी घोषित करने की साजिश हुई नाकाम

पाकिस्तानी (Pakistan) का खुरापाती दिमाग भले ही कामयाब न हो लेकिन हिंदुस्तान को नीचा दिखाने का एक भी मौका नहीं छोड़ता, और नतीजा कि उसे हमेशा की तरह मुंह की खानी पड़ती है. इस बार भी पाकिस्तानी को हार का ही सामना करना पड़ा है. दरअसल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान की तरफ से भारत के खिलाफ बड़ी साजिश को अंजाम दिलवाने का षड्यंत्र तो बनाया गया लेकिन वो असफल साबित हुआ. इस दौरान अमेरिका से लेकर ब्रिटेन, फ्रांस समेत कई देशों ने भारत का समर्थन किया, और पाकिस्तान की सारी कोशिश बेकार साबित हुई. बता दें कि चार भारतीयों को सुरक्षा परिषद की 1267 अल कायदा प्रतिबंध समिति के तहत सूचीबद्ध कराने के लिए पाकिस्तान लगातार प्रयास कर रहा था. लेकिन अब उसे हार का मुंह ताकना पड़ा है.

आतंकी चाल चलने वाले पाकिस्तान ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 अल कायदा प्रतिबंध समिति के आधार पर अंगारा अप्पाजी, गोबिंद पटनायक, अजय मिस्री और वेणुमाधव डोंगारा का नाम बैन सूची में लाने के लिए दिया था. लेकिन सुरक्षा परिषद से जुड़े सदस्य अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और बेल्जियम पाकिस्तारन के इस फैसले में रोड़ा बनकर खड़े हो गए. इसके चलते भारत के खिलाफ पाक की ये आतंकी सोच नाकाम हो गई.

टीएस तिरूमूर्ति का ट्वीट
इस खबर के बारे में भारत ने हाल ही में अपना पक्ष रखा है, और कहा है कि आतंकवाद को लेकर संयुक्त राष्ट्र की प्रक्रिया का राजनीतिकरण करने की इस्लामाबाद का पूरा प्रयास बेकार साबित हुआ है. बता दें कि संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत टीएस तिरूमूर्ति ने भी इस बारे में ट्वीट किया है. जिसमें उन्होंने लिखा है कि, ‘आतंकवाद पर 1267 विशेष प्रक्रिया को धर्म का रंग देकर इसका राजनीतिकरण करने की पाकिस्तान की कोशिश संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में विफल साबित हुई है.’

इसके साथ ही तिरूमूर्ति ने सुरक्षा परिषद से संबंधित उन सभी सदस्यों का भी धन्यवाद किया है जिन्होंने इस फैसले में भारत का साथ दिया, और पाकिस्तान का विरोध किया. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत ने बीते महीने ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 अलकायदा प्रतिबंध सूची में, उन भारतीयों के नाम से आतंकवाद का कलंक हटाने की कोशिश की थी जिन्हें लेकर पाकिस्तान ने झूठे दावे किए थे और अंत में भारत का प्रयास सफल भी साबित हुआ.

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