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लखीमपुर कांड के आरोपी अंकित और वकील उर्फ काले न्यायिक हिरासत में, पूछताछ के बाद ऐसे कसा शिकंजा

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर में किसानों को रौंदे जाने और फिर भड़की हिंसा मामले में आरोपी अंकित दास और उसके करीबी वकील उर्फ काले को बुधवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में अब तक यह मुख्य आरोपी के बाद सबसे बड़ी गिरफ्तारी मानी जा रही है। गिरफ्तारी के बाद अंकित दास और वकील उर्फ काले को पुलिस ने सीजेएम कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने कोर्ट से 14 दिनों की रिमांड मांगी लेकिन कोर्ट ने 22 अक्टूबर तक अंकित दास को जेल भेज दिया। एसआईटी की तरफ से पूछताछ के लिए दोनों को नोटिस दिया गया था। बुधवार सुबह से ही क्राइम ब्रांच के दफ्तर में दोनों से पूछताछ चल रही थी। पूछताछ के दौरान ही ये माना जा रहा था कि दोनों की गिरफ्तारी हो जाएगी। वारदात के दिन वकील उर्फ काले भी अंकित के साथ था। दरअसल वकील उर्फ काले अंकित का मैनेजर के साथ बॉडीगार्ड है। अंकित दास के वकील रजी अहमद ने बताया कि पुलिस ने अंकित की 14 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी थी, जिस पर कोर्ट ने अभी निर्णय नहीं लिया है। अंकित को न्यायिक हिरासत में 22 अक्टूबर तक भेज दिया गया है।

 

ज्ञात हो कि इससे पहले दोनों लखीमपुर पुलिस लाइन में क्राइम ब्रांच के दफ्तर पहुंचे। पुलिस ने 160 सीआरपीसी सफीना नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया था। सीआरपीसी की धारा 161 और 164 के तहत बयान दर्ज करवाने का नोटिस अंकित के घर पर बुधवार को चस्पा किया गया था। धारा 161 और 164 के तहत वादी, आरोपी, गवाह के बयान होते है। धारा 161 के तहत पुलिस के सामने बयान दर्ज होते हैं। धारा 164 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज होते हैं। अंकित दास आशीष मिश्रा का मित्र बताया जा रहा है। आज अंकित दास के साथ लखनऊ से वकीलों के एक पैनल भी पहुंचा। अंकित दास के वकील विकास श्रीवास्तव ने बताया कि किसानों के रौंदे जाने के समय अंकित दास और लतीफ मौके पर मौजूद थे। थार गाड़ी के एक्सीडेंट के बाद अंकित दास भीड़ का शिकार हुए। एसआईअी ने पूछताछ के लिए नोटिस भेजा था। इस नोटिस पर अंकित दास पहुंचे हैं।

सरेंडर अर्जी के बाद आरोपी अंकित दास के घर पर पुलिस ने लगाया नोटिस

ज्ञात हो कि एक दिन पहले मंगलवार को अंकित दास ने सीजेएम कोर्ट में सरेंडर एप्लीकेशन दाखिल कर दी है। अंकित दास के वकील अवधेश सिंह ने बताया कि हमने सरेंडर एप्लीकेशन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में डाली है। पुलिस रिपोर्ट मांगी गई है. पुलिस रिपोर्ट 24 घंटे से लेकर दो-तीन दिन के अंदर कभी भी आ सकती है।

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