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फिर दोहराया गया बिकरू कांड : दबिश के लिए पहुंची टीम पर जानलेवा हमला, शहीद हुआ सिपाही

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में एक बार फिर विकास दुबे जैसा कांड (Vikas Dubey Kand) देखने को मिला है. बिकरू की तरह कासगंज (Kasganj) में मंगलवार की रात जैसे ही पुलिस टीम दबिश के लिए पहुंची वैसे ही शराब माफिया ने उन पर हमला कर दिया. हमले में सिपाही शहीद हो गया तो दरोगा की हालत काफी गंभीर बनी हुई है. जिसने भी इस घटना के बारे में सुना हर कोई हैरान रह गया. घटना की जानकारी मिलते ही अलीगढ़ से आला अधिकारी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए और सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी घटना पर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही शहीद हुए सिपाही के परिजनों को 50 लाख रुपये और आश्रित को नौकरी देने का ऐलान किया गया है.

कैसे हुई घटना?
दरअसल, बताया जा रहा है कि मंगलवार की देर शाम कासंगज के सिढ़पुरा थाने से दरोगा अशोक पाल, सिपाही देवेंद्र सिंह को अवैध शराब की खेप की जानकारी मिली थी. सूचना पर जब दरोगा सिपाही दबिश के लिए पहुंचे तो सिपाही के साथ उनपर भी हमला कर दिया गया. दोनों की वर्दी फाड़ी गई और बंधक बनाकर पीटा गया. इस दौरान हमलावरों ने असलहा छीन लिया. जब इतने से हमलावरों का मन नहीं भरा तो दरोगा को मारपीट करके रास्ते में फेंक दिया और सिपाही को साथ लेकर गए. रास्ते से गुजर रहे एक ग्रामीण ने दरोगा की हालत देखी तो उसने फौरन पुलिस को सूचना दी. जिसके बाद फोर्स ने उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया.

जंगल में मिला सिपाही
दरोगा को भर्ती कराने के बाद पुलिस फोर्स ने सिपाही को ढूंढना शुरू किया और करीब 1 घंटे बाद फोर्स को काफी दूर जंगल में गंभीर स्थिति में सिपाही देवेंद्र सिंह मिले. सिपाही की हालत भी दरोगा जितनी ही खराब थी और उन्हें भी फौरन जिला अस्पताल लाया गया. हालत को देखते हुए सिपाही को बेहतर इलाज के लिए अलीगढ़ रेफ किया गया लेकिन रास्ते में ही सिपाही शहीद हो गया. बताया जा रहा है कि, मौके से पुलिस को शराब की भट्टी का सामान बिखरा पड़ा मिला है. वहीं मामले पर सीएम योगी ने सख्त से सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.

रासुका के तहत कार्रवाई
कासगंज में हुई घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ काफी गुस्से में हैं और उन्होंने दोषियों पर रासुका के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. सीएम ने घटना पर शहीद हुए सिपाही पुलिसकर्मी के परिवार के प्रति गहरी संवेदना जताई है और 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद के साथ आश्रित को सरकारी नौकरी देने का निर्देश दिया है. घटना की जानकारी मिलते ही दोनों परिवारों में मातम छा गया. हर किसी का रो-रोकर बुरा हाल है. घटना पर शहीद हुए सिपाही नगला बिंदू के रहने वाले हैं और उनके शहीद होने की खबर ने सिर्फ परिवार को नहीं बल्कि गांववालों को भी बड़ा झटका दिया है. परिवार के लोगों को बुरा हाल है और घर के बाहर लोगों का जमावड़ा लगा हुआ है. मिली जानकारी के मुताबिक, देवेंद्र सिंह अपने पिता के इकलौते बेटे थे और उन्हें अपनी वर्दी पर जरा भी घमंड नहीं था. बल्कि वो हमेशा कहते थे कि, उन्होंने वर्दी पीड़ितों की मदद करने के लिए पहनी है.

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