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‘पुलिस रोज कहती जिंदा ढूंढ लेंगे, अब 5 दिन बाद मुझे बच्चे को लाश दी’

पुलिस रोज कहती थी कि आपका बच्चा सही सलामत है। हम उसे जिंदा ढूंढ लेंगे। अब देखो 5 दिन मुझे मेरे बच्चे का शव खोजकर दे रहे हैं। पुलिसवालों ने ईमानदारी से काम किया होता तो मेरा लाल आज जिंदा होता। रो-रोकर बस यह एक ही बात मासूम दक्ष के पिता कह रहे थे। वही दक्ष, जिसका ग्रेटर नोएडा में रेलवे रोड के वेद विहार कॉलोनी से 31 मार्च को किडनैप हुआ और उसकी हत्या कर दी गई।

घर के बाहर से हुआ था लापतामूलरूप बुलंदशहर के स्याना मुरादगढ़ी गांव निवासी मुनेंद्र कुमार लोहिया दादरी बिजली घर पर संविदा कर्मचारी है। अपने दो भाइयों के साथ एक ही मकान में रहते हैं। इनकी 5 साल की बेटी छवि व दक्ष था। 31 मार्च को बच्चे की मां बेटी के साथ मार्केट गई थी। दक्ष ताई मौसी के पास घर में था। उन्होंने अपने दो बच्चों सहित इसको गली में आइसक्रीम दिलाई। दक्ष गेट के पास बैठकर खाने लगा और अन्ये दो बच्चे अंदर चले गए। ताई मौसी ने 5 मिनट बाद बाहर आकर देखा तो बच्चा नहीं मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। अधिकारियों ने कुल 10 टीमों को गठित करके छानबीन शुरू कर दी।

महिला किरायेदार पर शकमुनेंद्र के चाचा दिनेश ने बताया कि मकान में दो किरायेदार रहते थे। इसमें एक अकेली महिला है। महिला का एक प्रेमी है जो ग्रेटर नोएडा में नौकरी करता है अक्सर महिला से मिलने से आता था अन्य किरायेदार उसका विरोध करते थे। कुछ दिन पहले महिला ने दूसरे किरायेदार के साथ मारपीट कर दी थी। मुनेंद्र ने महिला को मकान से निकाल दिया। आरोप है कि महिला ने दूसरे किरायेदार से जाते वक्त कहा था कि मकान मालिक को खून के आंसू रूलाकर रहूंगी।

‘पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया इसलिए…’
घरवालों का कहना है कि पुलिस को किरायेदार महिला व उसके प्रेमी की हरकत के बारे में बताया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं गई। बुलंदशहर जाने को कहा तो जीटी रोड टोल से वापस भेज दिया था। आरोपित महिला दूसरी जगह रह रही थी। घटना के बाद से वह कमरे पर नहीं मिली। उसके कमरे में 3 डायरी मिली जिसमें बदमाशों व अन्य लोगों के नंबर की सूचना है। बच्चे की मां और ताई मौसी ने 5 दिन से खाना नहीं खाया है।

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