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दुनियां के इन 5 देशों ने बदली है अपनी राजधानी, इनमें भारत भी है शामिल

किसी भी देश की राजधानी उस देश का गौरव होती है. राजधानी उस देश के इतिहास को भी दर्शाती है. दुनिया के कई ऐसे देश हैं जिन्होंने समय-समय पर अपने देश की राजधानी को बदला है. राजधानी बदलने का कारण राजनीतिक और प्रशास्निक होता था. आज हम आपको ऐसे ही कुछ देशों के बारे में बता रहे हैं जिन्होंने कुछ कारणों से अपनी राजधानियों को बदल दिया था.

भारत

जी हां, आपने सही पढ़ा, हमारे देश भारत की भी राजधानी बदली गई है. 1772 में पहले गवर्नर जनरल वॉरेन हेस्टिंग्स ने कलकत्ता (कोलकाता) को भारत की राजधानी बनाया था. मगर 1911 में जॉर्ज पंचम ने दिल्ली को भारत की राजधानी घोषित किया था. इसका कारण ये था कि दिल्ली भौगोलिक दृष्टि से भारत के केंद्र में स्थित थी और ब्रिटिश राज से पहले भी कई और साम्राज्यों की राजधानी रह चुकी थी. 1931 को, ब्रिटिश भारत के वायसराय लॉर्ड इरविन ने भारत की राजधानी के रूप में औपचारिक रूप से दिल्ली का उद्घाटन किया. दिल्ली के अलावा इलाहाबाद (प्रयागराज) और शिमला भी भारत की राजधानी रह चुकी है. 1858 में ईस्ट इंडिया कंपनी ने देश के शासन की जिम्मेदारी ब्रिटिश राजशाही को इलाहाबाद में ही सौंपी थी. तब एक दिन के लिए इलाहाबाद को भारत की राजधानी बनने का गौरव प्राप्त हुआ था. उसके बाद गर्मी के मौसम में ब्रिटिश शासन दिल्ली की जगह शिमला से देश का कार्यभार संभालता था क्योंकि गर्मी के दिनों में दिल्ली का मौसम काफी गर्म हो जाता था.

नाइजीरिया

भारत की ही तरह नाइजीरिया ने भी अपनी राजधानी को बदला था. साल 1914 से नाइजीरिया की राजधानी लागोस थी. मगर ये शहर अनियोजित तरीके से विकसित हो रहा था. ऐसे में तत्कालीन नाइजीरिया के राज्य प्रमुख जनरल मुरतला मोहम्मद ने अबूजा को देश की नई राजधानी के रूप में विकसित करने की घोषणा की. ये शहर देश के बीच में स्थित था और राजनीतिक और धार्मिक दृष्टि से शहर तटस्थ था. शहर के बदलाव के बाद साल 1991 में अबूजा को इस देश की राजधानी बनाया गया.

ब्राजील

कई सालों से ब्राजील की राजधानी रियो डी जेनेरियो थी. मगर शहर की आबादी बढ़ती चली जा रही थी. सरकारी इमारतें एक दूसरे से दूर थीं और शहर में काफी ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ने लगी थी. इसलिए वहां की सरकार ने देश की राजधानी के रूप में एक नए शहर को बनाने की घोषणा की. ब्राजीलिया शहर को रियो से करीब 1,100 किलोमीटर दूर देश के और अंदर बसाया गया और साल 1960 में ब्राजील की राजधानी ब्राजीलिया बन गई. ये शहर अपने बेहतरीन आर्किटेक्चर के लिए हमेशा चर्चा का केंद्र बना रहा था. इसे यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल भी घोषित किया गया है.

म्यांमार

1948 से 2005 तक म्यांमार की राजधानी यंगून या रंगून थी. मगर देश की राजधानी को पुरानी राजधानी 320 किलोमीटर दूर नेपीडॉ में बनाया गया. देश की नई राजधानी देश के भीतर है और रणनीतिक रूप से भी बेहतर जगह स्थित है. देश की राजधानी को बदलने के लिए कोई आधिकारिक कारण नहीं दिया गया था.

कजाकिस्तान

1991 में कजाकिस्तान की राजधानी अल्माती थी. उसी वक्त वो सोवियत रूस से अलग हुआ था. इस शहर में भूकंप का काफी खतरा था और ये चीनी सीमा के नजदीक था. ऐसे में 1997 में 1200 किलोमीटर दूर देश की राजधानी को अस्ताना में शिफ्ट किया गया. मार्च 2019 में अस्ताना का नाम बदलकर नूर सुल्तान रख दिया गया

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