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चमोली हादसे पर अमेरिका और फ़्रांस ने जताया दुख, राष्ट्रपति मैक्रों बोले- हम भारत के साथ हैं

रविवार को उत्तराखंड में सैलाब के चलते कई जिंदगियां तबाह हो गईं. राज्य के चमोली में ग्लेशियर टूटने से कई लोगों की मौत हो गई है जबकि 100 से अधिक लोग लापता हैं. भारत में हुई इस घटना को लेकर विश्व के कई देशों ने दुख प्रकट किया है. अमेरिका की तरफ से ट्विटर पर लिखा गया है, “भारत में ग्लेशियर टूटने और भूस्खलन की घटना की वजह से मारे गए लोगों के प्रति हमारी संवेदनाएं हैं. हम मारे गए लोगों के परिजन के प्रति संवेदना जाहिर करते हैं और इस घटना में घायल लोगों के जल्द से जल्द ठीक होने की कामना करते हैं.”


वहीं,नेपाल की तरफ से कहा गया है कि भारत के उत्तराखंड में हिमस्खलन और ग्लेशियर टूटने से मारे गए लोगों की खबर से हम आहत हैं. हम मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हैं और लापता लोगों की सुरक्षा की कामना करते हैं. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने भी ट्वीट किया है, उत्तराखंड में ग्लेशियर टूटने की घटना के बाद मदद में जुटे लोगों को और साहस मिले. संकट की इस घड़ी में ब्रिटेन भारत के साथ खड़ा है. हम भारत की हर संभव मदद करने के लिए तैयार हैं.

चमोली त्रासदी पर यूनाइटेड नेशन जनरल एसेंबली के 75वें सत्र के प्रेसीडेंट वोल्कान बोजकिर के आधिकारिक अकाउंट से ट्वीट किया गया है. उन्होंने लिखा है, मैं इस घटना पर करीब से नजर बनाए हुए हूं. ग्लेशियर टूटने से कम से कम 9 लोगों की जान चली गई है जबकि 140 लोग लापता हैं. बचाव कार्य जारी है मेरे संवेदना भारतीय लोगों के साथ है.


इस घटना में अब तक 10 लोगों के शव बरामद हो चुके हैं. जबकि 25 लोगों को सकुशल बचा लिया गया है. बताया जा रहा है कि इस आपदा के चलते 6 लोग घायल हैं. वहीं पानी के तेज बहाव में पीडब्ल्यूडी के पांच पुल भी बह गए हैं. एक सुरंग से 16 लोगों को निकाला गया है जबकि दूसरे टनल में 30 लोगों के फंसे होने की आशंका है. लोगों को बचाने के बचाव कार्य जारी है. बचाए गए 25 लोगों में 12 लोग तपोवन से हैं और 13 रैणी से हैं. आशंका है कि पानी के तेज बहाव में तमाम लोग बह गए हैं. रेस्क्यू टीम अब इनकी तलाश कर रही है. बता दें कि ग्लेशियर टूटने की घटना सुबह 10 से 11 बजे सामने आई. सुरक्षाबल अब भी लोगों के बचाव में जुटे हुए हैं

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