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गोवा संकट के बीच उत्तराखंड में टूट गई कांग्रेस, 3 बड़े नेताओं ने आप का दामन थामा

गोवा संकट के बीच उत्तराखंड में भी कांग्रेस के भीतर फूट देखने को मिली है। भाजपा शासित राज्य में कांग्रेस के तीन सीनियर नेताओं ने सोमवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया और आम आदमी पार्टी (आप) का दामन थाम लिया। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की मौजूदगी में उत्तराखंड कांग्रेस प्रवक्ता राजेंद्र प्रसाद रतूड़ी, प्रदेश महिला कांग्रेस उपाध्यक्ष कमलेश रमन और पार्टी के सोशल मीडिया सलाहकार कुलदीप चौधरी दिल्ली में आप में शामिल हुए।

उत्तराखंड आप के संयोजक जोत सिंह बिष्ट ने बताया कि सिसोदिया ने इनके शामिल होने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इनके आने से पार्टी मजबूत होगी। इन नेताओं ने विधानसभा चुनाव में हार के बावजूद कांग्रेस में बढ़ती गुटबाजी को अपने इस्तीफे का कारण बताया है।

हरीश रावत पार्टी नेताओं की बैठक से रहे दूर
कांग्रेस नेताओं के इस्तीफे की खबर सुनते ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के घर पर बैठक की। इस दौरान पार्टी के अंदरूनी हालात पर चिंता प्रकट की गई। हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी के महासचिव हरीश रावत इससे दूर रहे।

गोवा कांग्रेस के 5 विधायकों से टूट गया था संपर्क
गौरतलब है कि रविवार को गोवा के 11 कांग्रेस विधायकों में से पांच- माइकल लोबो, दिगंबर कामत, केदार नाइक, राजेश फलदेसाई और डेलियाला लोबो से संपर्क खत्म हो गया था। बाद में कांग्रेस ने 40 सदस्यीय विधानसभा में लोबो को नेता प्रतिपक्ष के पद से हटा दिया। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित पाटकर ने कहा कि पार्टी के विधायकों की संख्या बढ़कर सात हो गई है, जो रविवार की गिनती से दो और अधिक है।

भाजपा बोली- कांग्रेस संकट से कोई लेना-देना नहीं
गोवा में सत्तारूढ़ दल भाजपा का कहना है कि उसका विपक्षी दल कांग्रेस के ताजा संकट से कोई लेना-देना नहीं है। भाजपा की गोवा इकाई के प्रवक्ता यतीश नाइक ने कहा कि रविवार को कांग्रेस में शुरू हुआ राजनीतिक घटनाक्रम विपक्षी दल में आंतरिक मतभेदों के कारण हैं और भाजपा पर फूट डालने की कोशिश करने का आरोप नहीं लगाया जाना चाहिए।

क्या सीएम सावंत से मिले कांग्रेस विधायक?
नाइक से पूछा गया कि क्या कांग्रेस के असंतुष्ट विधायक मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत से मिले थे? उन्होंने कहा कि विधानसभा के मौजूदा सत्र के कारण कई विधायक मुख्यमंत्री से मिल रहे होंगे। इसका मतलब यह नहीं है कि भाजपा या राज्य सरकार ऐसी किसी चीज में शामिल है।

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