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आम आदमी की सभी समस्याओं का हल एक जगह हो इसके लिए बनेंगे एकीकृत भवन : सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार से जुड़े सभी विभागों के एकीकृत भवनों का निर्माण कराया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसकी शुरुआत वाराणसी और गोरखपुर के मंडलायुक्त कार्यालयों से हो रही है। फिर इन दोनों जिलों के जिलाधिकारी कार्यालयों के लिए भी एकीकृत भवनों का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास होना चाहिए कि जिला स्तरीय सभी कार्यालयों और मंडल स्तरीय सभी दफ्तरों को एक ही भवन में लेकर वहां से सारी कार्य पद्धति को सुव्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाएं, जिससे कि आम आदमी की सारी समस्याओं का समाधान एक ही जगह हो जाए। इन भवनों में सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। तहसील स्तर पर भी ऐसी ही व्यवस्था लागू करने की कोशिश होनी चाहिए। हम तकनीक का भी भरपूर इस्तेमाल करें ताकि सरकारी दफ्तरों में अनावश्यक भीड़भाड़ न हो और जनता और सरकारी कर्मचारियों का समय भी बचे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को अपने सरकारी आवास पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के 13 जिलों में राजस्व विभाग के 18 आवासीय व अनावासीय भवनों का लोकार्पण कर रहे थे। इनमें 12 अनावासीय और छह आवासीय परियोजनाएं शामिल हैं जिनकी कुल लागत 118 करोड़ रुपये है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मंडल, जिला और तहसील मुख्यालयों के आवासीय और अनावासीय भवनों की जनता की रोजमर्रा से जुड़ी समस्याओं के समाधान में अहम भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर जिला और तहसील मुख्यालय या मंडलायुक्त के अनावासीय व आवासीय भवन नहीं बन पाए हैं। राजनीतिक कारणों से सरकारी इनकी घोषणाएं तो कर देती थीं लेकिन जनता की समस्या के समाधान के लिए जरूरी संसाधन सुविधाएं नहीं मुहैया कराए जाते थे। मौजूदा राज्य सरकार ने इसकी ओर ध्यान दिया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तहसीलों में जहां अनावासीय भवनों का निर्माण पूरा कर लिया गया हो तो उसके आसपास ही कम से कम दूरी पर आवासीय भवनों का भी निर्माण कराया जाए। यदि ऐसा नहीं होगा तो तहसील के अधिकारी कर्मचारी रोज जिला मुख्यालय से आने जाने में ही अपना समय खर्च करेंगे। जनता की समस्याओं के समाधान के लिए उन्हें कम समय मिल पाएगा। कार्यक्रम में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, राजस्व राज्य मंत्री विजय कश्यप, मुख्य सचिव राजेंद्र तिवारी, राजस्व परिषद अध्यक्ष दीपक त्रिवेदी, अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार, सचिव राजस्व और राहत आयुक्त रणवीर प्रसाद भी मौजूद थे।

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