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आज से शुरु मॉनसून सत्र, कर्नाटक के सीएम बोम्मई का पहला विधानसभा सेशन

कर्नाटक (Karnataka) में आज से मॉनसून सत्र (Monsoon Session) शुरू हो गया है. वहीं 28 जुलाई को शपथ लेने के बाद पहली बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई (Chief Minister Basavaraj Bommai) मॉनसून सत्र का सामना करने जा रहे हैं. मिली जानकारी के अनुसार यह सत्र कम से कम 24 सितंबर तक चलने की उम्मीद है. वहीं दूसरी तरफ इस सत्र की शुरुआत ऐसे समय में हुई है जब बोम्मई सरकार को पिछड़ी और प्रमुख जातियों की आरक्षण की मांगों और 2015 की जाति जनगणना के आंकड़ों को जारी करने पर बढ़ते दबाव का सामना करना पड़ रहा है.

दोनों मांगों के बीच सीएम बोम्मई अब तक दोनों पक्षों को आश्वासन देते रहे हैं कि और उनकी मांगों पर गौर करने का वादा करते रहे हैं. लिंगायत और वोक्कालिगा जैसे प्रमुख जाति समूहों ने मांग की है कि 2015 के सामाजिक-आर्थिक और शैक्षिक सर्वेक्षण के निष्कर्ष जारी नहीं किए जाएं क्योंकि इससे राज्य में दो सबसे बड़े समुदायों की स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा.सर्वेक्षण का डेटा जारी करने की मांग अत्यंत पिछड़ी जातियों का एक समूह भी अगस्त में अदालत गया है और मांग कर रहा है कि बोम्मई सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार द्वारा 160 करोड़ रुपये की लागत से किए गए सर्वेक्षण का डेटा जारी करे. अत्यंत पिछड़ी जाति समूहों ने यह भी मांग की है कि लिंगायतों के सबसे बड़े उप-पंचमसाली को राज्य आरक्षण लिस्ट की 2A श्रेणी में शामिल नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि इससे छोटे, सूक्ष्म, अत्यंत पिछड़े और अदृश्य समुदाय सरकार की तरफ से मिलने वाले लाभ से वंचित किया जाएगा.

सीएम के लिए कड़ी चुनौती

वहीं दूसरी तरफ अगर सरकार लिंगायतों को राज्य आरक्षण लिस्ट की 2ए श्रेणी में शामिल नहीं करती है तो बोम्मई को 15 सितंबर से पंचमसाली समुदाय को अपना आंदोलन आगे बढ़ाने से रोकने के लिए उन्हें कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है. दोनों समूह अपने कारणों के लिए समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं, जो बोम्मई पर दबाव को और बढ़ा देता है, जिनके पास 2023 में चुनाव से पहले शीर्ष कुर्सी पर दो साल से भी कम समय बचा है.

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