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अमेठी में असाल्ट राइफल AK-203 का निर्माण शुरू, ​AK-47 से भी हाइटेक है नई बंदूक

वह दिन दूर नहीं जब उत्तर प्रदेश के अमेठी की बनी राइफल सेना के जवान इस्तेमाल करेंगे. अमेठी के शस्त्र निर्माण फैक्ट्री में बनी एके 203 राइफल का उत्पादन शुरू हो गया है. सेना के जवान अब देश की सीमाओं की सुरक्षा अमेठी की बनी असाल्ट राइफल से करेंगे. इससे देश की सुरक्षा को मजबूती मिलेगी. बता दें कि, तीन वर्ष पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गौरीगंज के कौहार मैदान में जनसभा के दौरान AK-203 राइफल का शिलान्यास किया था. ऐसे में अब करीब तीन साल बाद सेना के जवानों को यह हाइटेक राइफल मिलने की उम्मीद है. इससे उन्हें देश की सीमाओं की रक्षा करने में और मजबूती मिलेगी.

जवानों को राइफल सौंपने की कवायद
मेक इन इंडिया के तहत रूस और भारत के बीच हुए समझौते के बाद सेना के जवानों को यह असॉल्ट राइफल AK-203 सौंपने की कवायद की गई थी. अमेठी में मुंशीगंज के एचएल कोरवा स्थित फैक्ट्री में असाल्ट राइफल AK-203 की पहली खेप का उत्पादन शुरू हो गया है. इससे उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही सेना के जवान अमेठी की बनी AK-203 राइफल से लैस होंगे और वो दुश्मनों को इससे मुंहतोड़ जवाब देंगे.

AK-203 राइफल की यह है खासियत
बता दें कि, अमेठी में बनने वाली AK-203 राइफल के बनने से जिले के लोग काफी उत्साहित हैं. लोगों का कहना है कि इससे अमेठी की पहचान पूरे देश में होगी और भारतीय सेना काफी मजबूत होगी. यहां बनने वाली AK-203 असॉल्ट राइफल देश की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाने के लिए मजबूत है. इस राइफल से एक मिनट में 700 राउंड फायरिंग की जा सकती है. साथ ही इसकी क्षमता भी पर्याप्त है.

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