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Tokyo Paralympics में छाए नोएडा के DM साहब, बैडमिंटन में भारत को दिलाया ‘सिल्वर’

टोक्यो पैरालिंपिक्स के आखिरी दिन नोएडा के DM साहब छा गए। नोएडा के जिलाधिकारी सुहास यथिराज ने टोक्यो पैरालंपिक की पुरुष एकल एसएल 4 क्लास बैडमिंटन स्पर्धा में रजत पदक जीत लिया है। वर्ल्ड नंबर 3 सुहास ने SL4 इवेंट के गोल्ड मेडल मैच में कड़ा संघर्ष किया, लेकिन वह फ्रांस के एल माजुर से 21-15, 17-21, 15-21 से हार गए।

सुहास एल यथिराज ने पैरालंपिक में जीता सिल्वर

फ्रांस के लुकास मजूर शुरुआत से ही गोल्ड मेडल मैच जीतने के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे। और, इसकी वजह भी थी। दरअसल, टोक्यो पैरालिंपिक्स में वो पहले भी सुहास यथिराज को हरा चुके थे और इसके अलावा उनकी रैंकिंग भी नंबर वन थी। हालांकि, सुहास के पास फाइनल जीतकर पहले मिली हार का बदला लेने का पूरा मौका था, लेकिन इस मौके को वो भुना नहीं सके और इस तरह चांदी के मेडल पर भी सोने का रंग नहीं चढ़ सका।

भारत के सुहास यथिराज और फ्रांस के लुकास मजूर के बीच गोल्ड मेडल के लिए बैडमिंटन की लड़ाई रोमांचक चली। ये जंग 3 गेमों में जाकर खत्म हुआ। पहली बाजी भारतीय पैराशटलर के नाम रही, जो उन्होंने 21-15 से जीता। उनकी इस जीत ने करोड़ों हिंदुस्तानियों के अरमानों को नया आसमान दे दिया। इसके बाद दूसरे गेम भी जब वो बढ़त बनाते दिखे तो लगा कि गोल्ड अब भारत की झोली में गिरना तय है। लेकिन तभी फ्रेंच पैरा-शटलर ने अपना गियर बदलते हुए दूसरे गेम को 21-17 से जीत लिया। अब सारा दारोमदार तीसरे और फाइनल गेम पर आकर टिक गया। इस गेम के जीतने का मतलब था, गोल्ड मेडल पर कब्जा, जो कि सुहास यथिराज नहीं कर सके। तीसरे गेम में सुहास को 21-15 से हार का सामना करना पड़ा।

 

सुहास का जीता सिल्वर टोक्यो पैरालिंपिक्स में भारत को बैडमिंटन में मिला दूसरा बड़ा मेडल है। इससे पहले प्रमोद भगत देश के लिए सोना जीत चुके हैं। टोक्यो पैरालिंपिक्स के आखिरी दिन सुहास की ही तरह भारत के मेडल की एक और उम्मीद तरूण ढिल्लन भी थे। देश को तरूण से ब्रॉन्ज मेडल की उम्मीद थी पर वो इस लड़ाई में इंडोनेशियाई चुनौती का सामना नहीं कर सके और सीधे गेम में मुकाबला 17-21, 11-21 से हार गए। बैडमिंटन में सोना जीतने की अब एक आखिरी भारतीय उम्मीद कृष्णा नागर के तौर पर बची है।

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