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नौजवानों के लिए नौकरी से शानदार ‘दिवाली तोहफा’ और कोई नहीं हो सकता : जिम्पा

कैबिनेट मंत्री ब्रह्म शंकर जिम्पा ने कहा है कि जिन 583 नौजवानों को बीते कल अलग-अलग विभागों में नौकरी के नियुक्ति पत्र दिए गए हैं, उनके लिए इससे बढिय़ा ‘दिवाली तोहफा’ और कोई नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा नौजवानों के जीवन को रोशन करने के लिए अपनी मुहिम को जारी रखते हुए अब तक कुल 37,683 नौकरियां दी जा चुकी हैं। जिम्पा ने आशा अभिव्यक्त की कि मुख्यमंत्री की नौकरियां देने वाली मुहिम राज्य को ‘रंगला पंजाब’ बनाने में बहुत ज़्यादा सहायक सिद्ध होगी।


उन्होंने कहा कि इससे पहले कभी भी पंजाब के नौजवानों को इतनी नौकरियां नहीं दी गईं और नौजवान निराशा के आलम में थे। यही कारण है कि पंजाब से लडक़े-लड़कियां विदेशों को जा रहे थे परन्तु मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सरकार बनते ही ऐलान किया था कि पढ़े-लिखे और योग्य लडक़े-लड़कियों को पंजाब में ही रोजग़ार दिया जाएगा और वह अपना यह वायदा लगातार निभाते आ रहे हैं।

जिम्पा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार से पहले नौजवानों के लिए सरकारी नौकरियां मिलना एक ‘दूर के सपने’ की तरह थे, जबकि भगवंत मान ने नौजवानों को उनकी योग्यता के अनुसार नौकरियां मिलने को यकीनी बनाया है, जिसके लिए पारदर्शी नीति तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री यह भली-भांति जानते हैं कि दिमाग शैतान का घर होता है, इसलिए नौजवानों को नौकरियां देने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है जिससे वह काम में लगे रहें।

जिम्पा ने कहा कि मुलाजिमों के आगे से ‘कच्चा’ शब्द हटाने की उपलब्धि भी मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के हिस्से ही आई है। राज्य सरकार ने कच्चे मुलाजिमों के आगे से ठेका शब्द हटाकर सभी कानूनी और प्रशासनिक अड़चनों को पार करते हुए 12,710 अध्यापकों की सेवाओं को रेगुलर किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में ऐसे और भी बहुत से मुलाजिमों की सेवाओं को रेगुलर किया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया पहले ही जारी है।

जिम्पा ने इस बात के लिए भी मुख्यमंत्री की तारीफ़ की कि वह राज्य को रंगला पंजाब बनाने, नौजवानों को नौकरियां देने, उद्योग को बढ़ावा देने और अन्य बहुत से सपने पूरे करने के लिए सार्थक और सहृदय यत्न कर रहे हैं। जिम्पा ने कहा कि भगवंत मान के नेतृत्व में हम सभी तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक मुख्यमंत्री के सभी सपने पूरे नहीं हो जाते और पंजाब देश का नंबर एक राज्य नहीं बन जाता।

वहीं ब्रह्म शंकर जिम्पा ने दिवाली और बंदी छोड़ दिवस सम्बन्धी दुनिया भर में रहने वाले सभी पंजाबियों को दिल से बधाई दी है।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि यह त्योहार झूठ पर सत्य, अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और देश की सांस्कृतिक विरासत के नैतिक-मूल्यों और विचारधारा को दर्शाता है।

उन्होंने पर्यावरण को सुरक्षित बनाने के लिए ग्रीन दिवाली मनाने की अपील की, क्योंकि प्रदूषण की समस्या बहुत गंभीर है और यह हम सभी को प्रभावित कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार प्रदूषण की रोकथाम के लिए भरपूर और सार्थक प्रयास कर रही है और इस कार्य के लिए लोग खुद आगे आकर सरकार का साथ दें। जिम्पा ने सभी देश निवासियों ख़ास तौर पर सिख कौम को ऐतिहासिक ‘बंदी छोड़ दिवस’ के अवसर पर भी बधाई दी है। इस दिन छठे गुरु श्री गुरु हरगोबिन्द साहिब ने साल 1612 दिवाली वाले दिन ग्वालियर के किले से 52 हिंदू राजाओं की रिहाई करवाई थी।
जिम्पा ने राज्य के लोगों की भलाई और अच्छी सेहत के लिए अरदास की और उम्मीद जताई कि यह त्योहार सांप्रदायिक सद्भावना, आपसी भाईचारा, शांति और धर्म निरपेक्षता को और मजबूत करेगा।