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सहारनपुर : गांव शब्बीरपुर में रविदास यात्रा पर प्रशासन और आयोजकों के बीच गतिरोध

रिर्पोट :- गौरव सिंघल, वरिष्ठ संवाददाता, दैनिक संवाद, सहारनपुर मंडल।
 
सहारनपुर (दैनिक संवाद न्यूज ब्यूरो)। शब्बीरपुर गांव में इस बार भी संत रविदास शोभायात्रा के मार्ग को लेकर आयोजकों और प्रशासन के बीच गतिरोध बना हुआ है। प्रशासन नए और ज्यादा सुरक्षित मार्ग से शोभायात्रा निकालने की अनुमति दे रहा है। जबकि गांव के अनुसूचित जाति के लोग शोभायात्रा को परंपरागत और बडे मार्ग से ही शोभायात्रा निकालने पर अडे हुए है। डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल और कमिश्नर एवी राजमौलि ने बीती शाम थाना बडगांव पहुंचकर स्थिति की समीक्षा की और कहा कि प्रशासन परंपरागत मार्ग से शोभायात्रा नहीं निकलने देगा। आयोजकों को प्रशासन द्वारा सुझाए गए नए निर्धारित मार्ग से शोभायात्रा निकालने में भरपूर सहयोग मिलेगा। यह गतिरोध इसलिए बना है कि 5 मई 2017 को शब्बीरपुर गांव में दलितों और राजपूतों के बीच हिंसक टकराव हो गया था।
गांव के राजपूत युवक महाराणा प्रताप की बडगांव में आयोजित जयंती समारोह में जुलूस की शक्ल में जा रहे थे कि दूसरे वर्ग के साथ उनका विवाद और टकराव हो गया था। इसकी प्रणति मे सहारनपुर में भीम आर्मी के 9 मई के प्रदर्शन के दौरान जबरदस्त हिंसा और आगजनी हुई थी। जिसके बाद भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर को गिरफ्तार कर रासुका लगाई गई थी। 2017 की शब्बीरपुर हिंसा से पूर्व जनपद के थाना जनकपुरी के सडक दूधली गांव में 20 अप्रैल 2017 को  बिना अनुमति के रविदास शोभायात्रा निकाले जाने के दौरान गांव के मुस्लिम समुदाय के लोगो ने शोभायात्रा पर जमकर पथराव कर दिया था। जिससे वहा दंगा भडक गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना अनुमति शोभायात्रा निकालने और तत्कालीन एसएसपी लव कुमार के सरकारी आवास में घुसकर हंगामा और अमर्यादित आचरण करने पर गहरी नाराजगी जताई थी। इस बार फिर से सडक दूधली में 27 फरवरी को भाजपा नेता निर्दोष कुमार ने प्रशासन से शोभायात्रा निकालने की अनुमति मांगी है। प्रशासन इस पर विचार कर रहा है।
सहारनपुर जनपद में अनुसूचित जातियों की आबादी 30 फीसद के करीब हैै। कई गांवों में उनके आयोजन को लेकर मुस्लिम समुदाय और दूसरे बिरादरियों से टकराव की आशंका के चलते पुलिस-प्रशासन के लिए शोभायात्राओं का शांतिपूर्ण आयोजन बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य है। शब्बीरपुर गांव में शोभायात्रा के संयोजक गांव प्रधान शिवकुमार के भाई सुदेश कुमार हैै। जिनका कहना है कि यदि प्रशाासन शोभायात्रा को परंपरागत मार्ग से निकालने की अनुमति नहीं देता है तो विरोध स्वरूप पिछले वर्ष की तरह शोभायात्रा नहीं निकालेंगे। थाना प्रभारी बडगांव रणवीर सिंह ने बताया कि गांव में दलितों और राजपूतों के बीच सौहार्द बना हुआ हैै। दोनो एक-दूसरे के काम में हाथ बंटाते है। दलित राजपूतों के खेतों पर काम करते है। इसके बावजूद शोभायात्रा के आयोजन को लेकर गांव का माहौल बदल जाता है। प्रशाासन का दायित्व हर हालत में शांति और सौहार्द बनाए रखना है। कमिश्नर एवी राजमौलि और डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल ने साफ कर दिया कि यदि शब्बीरपुर गांव में शोभायात्रा को लेकर आयोजकों ने प्रशासन के निर्देशों की अवहेलना करके आयोजन किया तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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