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Chanakya Niti : अपनी संगिनी को पहचानने के लिए आचार्य चाणक्य ने दिखाए ये तीन मार्ग

चन्द्रगुप्त मौर्य के महामंत्री चाणक्य(Chanakya) थे. कौटिल्य(Kautilya) के नाम से भी उनको जाना जाता है. वे तक्षशिला विश्वविद्यालय में वो आचार्य के पद पर भी थे. चाणक्य को बहुत ज्ञानी माना जाता था. इसके साथ साथ चाणक्य को राजनीति शास्त्र, कूटनीति शास्त्र के साथ साथ अर्थशास्त्र की भी बहुत जानकारी थी. चाणक्य ने शुरु से धन को महत्व दिया है. उनके अनुसार जिस व्यक्ति के पास धन है, वो दुनिया का सबसे सुखी व्यक्ति होता है. अपने ग्रंथ चाणक्य नीति में आचार्य ने बताया है कि पति, पत्नी, भाई, बहन, माता, पिता के प्रति जिम्मेदारी और कर्तव्य क्या होते हैं. इसी के साथ उन्होंने सच्चे हमसफर की भी बात की है. आचार्य चाणक्य इतने ज्ञानी थे, उनके मार्गदर्शन से आप जान सकते हैं कि आपकी पत्नी का व्यवहार कैसा है वो आपके लिए सच्ची संगिनी है भी या नहीं.

1. आचार्य का मानना था कि जिस तरह आप किसी व्यक्ति को भरोसे के साथ कोई काम देते हैं, तो उसकी नियत को परख पाते हैं, ठीक इसी तरह एक पत्नी के बारे में पति को जरूर जानना चाहिए कि वो उसके लिए सच्ची साथी है या नहीं. हमेशा याद रखें आचार्य चाणक्य का कहना है कि आपके बुरे समय पर ही पता चलेगा कि आपके पत्नी आपके लिए सच्ची है या नहीं. सच्ची पत्नी गरीबी के समय में भी आपका साथ नहीं छोड़ेगी.

2. आचार्य चाणक्य कहते थे कि एक पत्नी जब पतिव्रता धर्म के हर नियम का पालन करती है, तो वो सच्ची होती है. उसका मन पूरी तरह अपने पति तो समर्पित होता है. उनके लिए वो कुछ भी करने को तैयार रहती है. जिस इंसान के पास ऐसी पत्नी होती है, उसका जीवन सफल हो जाता है और वो हर पल खुश रहता है.

3. आचार्य का मानना था कि जैसे हम धन को बचा कर रखते हैं,ठीक उसी तरह पत्नी भी घर की लक्ष्मी होती है, तो हर पति को अपनी पत्नी की रक्षा करनी चाहिए , लेकिन ऐसी लड़किया जो अपने पति के घर में सुख शांति नहीं चाहती है, वो आए दिन घर में कोई ना कोई क्लेश करती रहती हैं. ऐसी पत्नियां कभी भी सुख का कारण नहीं बन सकती हैं. ऐसे में अपने आत्मसम्मान की रक्षा के लिए अगर आपको ऐसी पत्नी को छोड़ना भी करना पड़े तो पीछे ना हटें.

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