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Afghanistan: तहखानों के भीतर जिम, तालिबानी प्रतिबंधों को धता बता रही महिलाएं

अफगानिस्तान (Afghanistan) की राजधानी में तालिबान (Taliban) से छिपकर कुछ ऐसे जिम और फिटनेस क्लब (gym and fitness club) खुले हैं जो महिलाओं (women) के लिए हैं। यहां न तो संगीत की धुन है और न प्रकाश व्यवस्था। महिलाओं के ये गुप्त जिम और फिटनेस केंद्र घरों के तहखानों (cellars) में खुले हैं जहां की खिड़कियां तक काली कर दी गई हैं। काबुल में जिम प्रशिक्षक लैला अहमद के फिटनेस सेंटर में महिलाएं छिप-छिपकर तालिबान प्रतिबंधों को धता बताते हुए जाती हैं।

बता दें, तालिबान ने पिछले माह ही जिम और पार्कों में महिलाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिसकी दुनिया भर में निंदा की गई। लेकिन काबुल में कुछ फिटनेस सेंटर तालिबान की निगाहों से बचाकर चलाए जा रहे हैं। 41 वर्षीय तलाकशुदा लैला अहमद ने बताया, महिलाएं रेस्तरां और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में खुद नहीं जा सकती हैं, या यहां तक कि पार्क में अकेले भी नहीं चल सकती हैं, इसलिए ये भूमिगत जिम हमारे लिए आशा की किरण की तरह हैं।

अगस्त 2021 में सत्ता पर क़ब्ज़ा करने के बाद से, तालिबान ने लड़कियों के उच्च विद्यालयों को बंद कर दिया है, महिलाओं को अधिकांश नौकरियों से रोक दिया है, और उनकी पोशाक और आवाजाही पर कठोर प्रतिबंध लगा दिए हैं। देश भर में कुछ महिलाएं अंडरग्राउंड कारोबार खोलने के लिए नियमों को दरकिनार कर रही हैं। इनमें स्कूल, ब्यूटी सैलून व जिम शामिल हैं। अहमद के ग्राहकों में संयुक्त राष्ट्र के पूर्व कर्मचारी, सरकारी कर्मचारी, शिक्षक, महिला पुलिसकर्मी, पत्रकार और व्यवसायी शामिल हैं।

अब ग्राहक हिजाब में आते हैं
काबुल में चल रहे जिमों में आने को महिलाएं थैरेपी की तरह मानती हैं। यहां संगीत नहीं बजता लेकिन महिलाएं हेडफोन लगाकर डांस करती हैं। काबुल के कुछ हिस्सों में महिलाएं लेगिंग्स और ढीले टॉप पहनकर जिम तक जा सकती थीं। लेकिन अब और नहीं, अहमद के ग्राहक पूरे हिजाब में आते हैं, उनके किट बैग में छिपे होते हैं। बहुत से लोग किसी को नहीं बताते कि वे कहाँ जा रहे हैं। अहमद ने कहा, हम न केवल महिला विरोधी तालिबान शासन से लड़ रहे हैं, बल्कि अफगान समाज के भीतर महिला विरोधी संस्कृति से भी लड़ रहे हैं। यहां पुरुषों के जिम अभी भी खुले हैं।

हेरात में भी खुले अंडरग्राउंड जिम
पश्चिमी शहर हेरात के एक अंडरग्राउंड जिम में रामजिया (छद्म नाम) जिम चला रही हैं। वह तालिबान के चेहरे पर प्रहार करने की कल्पना करती हैं। यहां महिलाएं चुपचाप वजन उठाती हैं और बेसमेंट में मशीनों पर व्यायाम करती हैं। 27 वर्षीय रामजिया को बॉक्सिंग और साइकिल चलाना पसंद है। रामजिया सिविल इंजीनियर हैं लेकिन अब एक ट्रेनर के रूप में काम कर रही हैं।

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