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1 अक्टूबर से ट्रैफिक नियम में हुआ बड़ा बदलाव, गाड़ी चलाने से पहले जान लें ये जरूरी बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में ट्रैफिक नियमों पर पैनी नजर बनाए हुए है। सरकार की तरफ से एक के बाद एक ट्रैफिक नियमों पर बदलाव किए जा रहे है। वहीं अब 1 अक्टूबर से भी ट्रैफिक नियमों में कई बड़े बदलाव आए है। दरअसल 1 अक्टूबर से गाड़ी के साथ जरूरी डॉक्युमेंट्स रखना अनिवार्य नही है। सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने डिजिटाइजेशन की ओर बढ़ा कदम उठाया है और मोटर वाहन नियम, 1989 (Motor Vehicl Rules, 10989) में संशोधित किया है। इस संशोधन के बाद ड्राइवर को गाड़ी के जरूरी डॉक्युमेंट्स अपने साथ रखना जरूरी नहीं है। देशभर में ये नियम 1 अक्टूबर से लागू हो जाएगा। तो आइए आपको बताते है कि नए नियम के तहत ड्राइवर को कौन-कौन से फायदे मिलने वाले है।

 डॉक्युमेंट्स का फिजिकल वेरिफिकेशन जरूरी नहीं
नए नियमों के मुताबिक, अगर वाहन संबंधित डॉक्युमेंट्स का डिजिटल वैलिडेशन पूरा हो गया है तो ड्राइवर को डॉक्युमेंट्स हमेशा अपने साथ रखने की जरूरत नहीं पड़ती और न ही किसी भी व्यक्ति को डॉक्युमेंट्स दिखाने की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा अब 1 अक्टूबर से नियम उल्लंघन होने पर किसी भी व्यक्ति के डॉक्युमेंट्स जब्त करने की जरूरत नहीं होगी। इतना ही नहीं, अब ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करने वालों को ई-चालान भी सरकार के डिजिटल पोर्टल के माध्यम से जारी किया जाएगा।

नहीं होगा ड्राइवर लाइसेंस कैंसिल, करना होगा ये काम
कई बार  ट्रैफिक पुलिस के सामने ऐसी स्थिति आती है जब नियम उल्लंघन की वजह से ड्राइवर का लाइसेंस ही कैंसिल करना पड़ जाता है लेकिन अब ये काम भी डिजीटल पोर्टल के जरिए होगा। नए नियमों के तहत, अथॉरिटीज को अब इस प्रक्रिया के लिए डिजिटल पोर्टल पर रिपोर्ट करनी होगी। इसके बाद पोर्टल पर जानकारी अपडेट कर दी जाएगी। यहां ड्राईवर और वाहन संबंधी सभी रिपोर्ट क्रमबद्ध होगा।

नियमों को तोड़ने पर नहीं मिलेगा बचने का रास्ता
नए नियमों का उल्लंघन करने वाला कोई भी व्यक्ति नहीं बच पाएगा। दरअसल डिजिटाइजेशन के बाद नियमों का उल्लंघन करने वाले हर व्यक्ति का रिकॉर्ड मेंटेन किया जाएगा। इस दौरान अथॉरिटीज ड्राइवर के व्यवहार को भी मॉनिटर करेगी। इतना ही नहीं, इस दौरान ड्राइवर के साथ-साथ पुलिस अधिकारी की पूरी डिटेल पोर्टल पर अपडेट होगी। जिसमें टाइम स्टैम्प, पुलिस अधिकारी का यूनिफॉर्म और पहचान पत्र शामिल है। दरअसल, सरकार चाहती है कि किसी भी वाहन की चेकिंग बार-बार नहीं की जाए और ड्राइर्वस को भी किसी भी तरह के उत्पीड़न से बचाया जाए।

आप अपने संबंधित डॉक्युमेंट्स कहां स्टोर कर सकेंगे?
ड्राइवर के लिए केंद्र सरकार ने ऑनलाइन पोर्टल की शुरूआत की है। जिस पर सभी ड्राइवर्स अपने वाहनों के डॉक्युमेंट्स स्टोर कर सकते है। जैसे Digi-locker या m-parivahan। इन दोनों पोर्टल पर अगर ड्राइवर अपनी गाड़ी संबंधित सभी डॉक्युमेट्स स्टोर कर दें। तो कभी भी वाहन के साथ डॉक्युमेंट्स लेकर नहीं चलने होंगे। जिससे ड्राइवर्स को काफी आसानी होगी।

कब इस्तेमाल कर सकेंगे मोबाइल फोन्स?
ड्राइविंग के दौरान फोन का इस्तेमाल करने पूरी तरह प्रतिबंधित है लेकिन अब मंत्रालय ने ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल करने वाले नियमों में भी संशोधन किया है। 1 अक्टूबर से ड्राइवर गाड़ी चलाते वक्त फोन्स या अन्य हैंडहोल्ड डिवाइस का तभी इस्तेमाल कर सकते है। जब उन्हें रूट नैविगेशन के बारे में जानकारी लेनी हो। लेकिन इस दौरान ड्राइविंग पर पूरा ध्यान होना चाहिए। हालांकि अगर नैविगेशन के अलावा किसी अन्य काम के लिए ड्राइविंग के दौरान फोन चलाया जाता है तो ड्राइवर को भारी जुर्माना देना पड़ सकता है। यह भी साफ किया गया कि ड्राइविंग के दौरान फोन पर बात करते हुए पकड़े जाने पर 1,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक का फाइन लग सकता है।

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