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परेशान पिता ने बेटी के वियोग में दारोगा की घर की छत से लगाई छलांग, जानें मामला

मेरठ में एक घटना सुनने मे आई है, जहां पर बेटी के ना मिलने पर पुलिस के साथ गये पिता ने मेरठ के दारोगा के घर पर छत से छलांग लगा दी और आत्महत्या कर ली. इसके बाद पिता के शव को बरेली लाया गया है. इज्जतनगर सहुवा गांव निवासी रामचंद्र की बेटी का बुलंदशहर के मनोज चौहान से प्रेम संबंध था, मनोज उसकी बेटी को लेकर कहीं चला गया और फिर थाना इज्जत नगर में उसके खिलाफ बहला-फुसलाकर अपहरण कर ले जाने का मुकदमा दर्ज कराया गया था.

मेरठ की मिली मनोज की लोकेशन

मनोज की लोकेशन चेक करने पर पुलिस को पता चला कि वह मेरठ में है, जिस पर मुकदमे के विवेचक मुकदमे के विवेचक दारोगा सुनील कुमार के साथ रामचंद्र और उनके एक रिश्तेदार को लेकर पहले बुलंदशहर गये फिर वहां से मेरठ पहुंचे. इसके बाद दारोगा ने उनको अपने घर ले गया, जहां पर रात में दरोगा, रामचंद्र और रिश्तेदार के साथ मकान की दूसरी मंजिल पर सो रहे थे, तभी रामचंद्र ने छत से कूद कर आत्महत्या कर ली.

छत से कूदकर दी जान

इस बारे में जैसे ही सबको जानकारी प्राप्त हुई वहां पर हंगामा मच गया .सुबह जब रामचंद्र के परिवार को इसकी जानकारी हुई तो वह तुरंत मेरठ की ओर रवाना हुए. शव के अंतिम संस्कार के लिए बरेली लाया गया. इस बारे में बताया इंस्पेक्टर सतीश कुमार ने बताया कि दारोगा लड़की बरामदगी के लिए उसके पिता और रिश्तेदार के साथ आए थे, जहां पर उसके घर की छत से रामकुमार ने कूदकर आत्महत्या कर ली. उनके शव को पुलिस ने परिवार के हवाले कर दिया है.

बेटे से करते थे बहुत प्यार

अपने बेटी से रामचंद्र बहुत प्यार करते थे. उसकी हर बड़ी से छोटी ख्वाहिश को पूरा करते थे. जब वो छोड़ कर गया तो रामकुमार के दिल को बड़ा झटका लगा था . उनको बेटी से ये उम्मीद नहीं थी. इन सब काम के बाद भी वो अपनी बेटी को पाना चाहते थे और उससे मिलने की उम्मीद लगाए हुए बुलंदशहर से मेरठ गये. बेटी के ना मिलने पर उन्होंने आत्महत्या करने का फैसला ले लिया.