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हनुमान जी के पांच शक्तिशाली मंत्र, कर लिया जाप तो खत्म हो जाएगा संकट

मंगलवार का दिन बजरंगबली के दिन के नाम से जाना जाता है। आज के दिन भगवान महावीर की पूजा-अर्चना का दिन होता है। भक्त बड़ी तादाद में संकट मोचन के नाम पर व्रत रखते हैं। ज्योतिषों के अनुसार हनुमान जी सृष्टि के उन भगवानों में से एक हैं, जिन्हें अमर का वरदान दिया गया है। ये तो सभी को मालूम है कि हनुमान प्रभु श्री राम के परम भक्तों में से एक हैं। आज पूरी दुनिया में हनुमान जी को राम के नाम से भी जाना जाता है। बहरहाल आज हम आपको हनुमान जी के कुछ ऐसे मंत्रों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका उच्चारण कर आप अपने जीवन में अपनी दीर्घ आयु का द्वार खोल सकते हैं। मंगलवार के दिन किन मंत्रों का जाप आप करें इसकी विशेषता शास्त्रों में खूब दी गई है। कहा जाता है महावीर के इन मंत्रों के जाप करने से मनुष्य की सारी समस्याओं का निवारण हो जाता है। संकट मोचन नाम तिहारो यूं ही नहीं कहा जाता हनुमान जी को, चलिए जानते हैं हनुमान जी के 5 खास मंत्रों के बारे में जिन्हें अमल में लाकर घर में खुशहाली और संपन्नता आती है।

1- ॐ ऐं भ्रीम हनुमते, श्री राम दूताय नम:

इस मंत्र के जाप से समस्त संकटों का समाधान होता है और कामना की पूर्ति होती है.

2- मनोजवं मारुतुल्यवेगं जितेंद्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्। वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये।।
अतुलित बलधामं, हेमशैलाभदेहमं। दनुजवनकृशानुं, ज्ञानिनामग्रगण्यम्।
सकलगुण निधानं, वानराणामधीशम्। रघुपतिप्रिय भक्तं वातजातम् नमामि।।

इन मंत्रों का जाप करने से मनोकामना की पूर्ति होती है.

3- हनुमान अष्टदशाक्षर मंत्र: नमो भगवते आन्जनेयाये महाबलाये स्वाहा

यह हनुमान जी का चमत्कारी मंत्र माना जाता है. जो व्यक्ति इस मंत्र का जाप करता है, उसके घर में धन-संपदा की वृद्धि होती है, खुशहाली रहती है और उसकी किसी भी प्रकार की हानि नहीं होती है.

4- ओम नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसहांरणाय सर्वरोगाय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा।
ओम नमो हनुमते रुद्रावतराय वज्रदेहाय वज्रनखाय वज्रसुखाय वज्ररोम्णे वज्रनेत्राय वज्रदंताय वज्रकराय वज्रभक्ताय रामदूताय स्वाहा।ओम नमो हनुमते रुद्रावताराय विश्वरूपाय अमित विक्रमाय प्रकटपराक्रमाय महाबलाय सूर्य कोटिसमप्रभाय रामदूताय स्वाहा।

हनुमान जी के इन मंत्रों का जाप करने से रोग, शत्रु, भय और समस्त नकारात्मकता का अंत होता है.

5- ऊँ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट
ऊँ हुँ हुँ हनुमतये फट्
ऊँ पवन नन्दनाय स्वाहा

इन तीन मंत्रों में से किसी एक मंत्र का जाप 11 माला करें. इससे सिद्धि का प्राप्ति होती है.

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