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सीमा पर तनाव की स्थिति में कैसे चीन से ज्यादा ताकतवर है भारतीय सेना, यहां समझें पूरी खबर

भारत चीन के बीच चल रहा तनाव एक बड़े खतरे की ओर इशारा करने लगा है. फिलहाल सीमा पर हालात काफी नाजुक स्थिति में बने हुए हैं. एक तरफ जहां भारत के 20 जवान हिंसक झड़प में देश के लिए शहीद हो गए हैं तो वहीं सूत्रों के हवाले से ये जानकारी सामने आ रही है कि चीन के भी 40 जवान मारे गए हैं और कई हताहत भी हुए हैं. हालांकि अभी तक चीन ने इस खबर की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. लेकिन सीमा पर चीनी सैनिकों की संख्या से ये आंकलन लगाए जा रहे हैं. दोनों देशों के बीच हुई ये झड़प अब और ज्यादा तनाव की स्थिति उत्पन्न कर चुकी है. ऐसे में सीमा पर हालात खराब होते देख अब संयुक्त राष्ट्र ने भी दोनों देशों से सयंम बरतने की अपील की है. लेकिन इसके साथ ही एक और मसला लोगों के बीच आ गया है, जिस पर ये बहस चल रही है कि यदि दोनों देशों के बीच युद्ध जैसे हालात बनते हैं तो क्या स्थिति होगी?

दरअसल इस मसले पर बेलफर सेंटर फॉर साइंस एंड इंटरनेशनल अफेयर्स की ओर से भारत और चीन की सेना की ताकत पर एक बड़ी रिसर्च की गई है. जिसकी माने तो भारत और चीन की सीमा के पास भारतीय सेना की संख्या करीब ढाई लाख तैनात है. जिनमें टैंक ब्रिगेड में 3000 से अधिक और ब्रह्मोस क्रूज़ मिसाइल रेजिमेंट में 1000 से ज्यादा सैनिकों की तैनाती की गई है. इसके साथ ही नॉर्दर्न कमांड में 35 हजार, सेंट्रल कमांड में 16 हजार, और इस्टर्न कमांड में तकरीबन पौने दो लाख से भी ज्यादा सैनिकों को तैनात किया गया है.

इतना ही नहीं बात करें चीन के वेस्टर्न थियेटर कमांड की तो, तिब्बत और जिंगजियान मिलिट्री डिस्ट्रिक में इसके 2 लाख 30 हजार सैनिक मौजूद हैं. लेकिन यदि जंग की स्थिति हुई तो चीन इनमें से ज्यादा सैनिकों को लड़ाई में इस्तेमाल नहीं कर सकेगा. इसके पीछे का कारण है ये है कि इनमें से ज्यादा संख्या में सैनिक रूस, तिब्बत और जिंगजियान में बेकाबू हो रहे हालात से निपटने के लिए रिजर्व में पहले से ही रखे गए हैं. और तो और बताया ये भी जा रहा है कि कुछ समय पहले ही चीन ने अपने सात मिलिट्री रीजन का नए तरीके से गठन किया है, जिसमें से पांच थियेटर कमांड भी बदले जा चुके हैं.

रिसर्च के मुताबिक भारतीय सीमा से सटे वेस्टर्न थियेटर कमांड में तकरीबन 90 हजार से 1 लाख 20 हजार तक के सैनिको को 76 और 77 ग्रुप आर्मी में विभाजित किया गया है. जानकारी के मुताबिक इन सभी ग्रुप का आर्मी हेडक्वाटर का मुख्यालय भी वेस्टर्न चीन के चांगक्वींग और बाओजी में स्थित है. इसके पीछे का कारण तिब्बत और ज़िंगजियान में जारी तनाव और नाजुक हालात हैं. इसके अलावा तिब्बत से लग रही भारत की सीमा पर लगभग 40 हजार जवान तैनात हैं वहीं नॉर्थ तिब्बत के ज़िंगजियान में भी 70,000 सैनिकों की तैनाती की गई है.

लद्दाख में क्यों बौखलाया है चीन
फिलहाल बात करें चीन के बौखलाहट की तो लद्दाख में भारत और चीन के बीच विवाद की सबसे बड़ी वजह वहां भारत का सीमा पर विकास निर्माण कार्य है. जिसे चीन बर्दाश्त करने की स्थिति में नहीं है. वो नहीं चाहता कि उसके अलावा कोई और सीमा पर किसी भी तरह का विकास कार्य शुरू करे. यही कारण है कि सीमा के पास चीन लगातार अपने सैनिकों की संख्या और सैन्य सामग्री बढ़ाने में लगा है. चीन चाहता है कि भारत अपने सभी विकास से जुड़े निर्माण कार्य रोक दे. जिसे मानने के लिए भारत बिलकुल तैयार नहीं है.

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