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लॉकडाउन के बीच भाई ने बहन से ही कर रचा ली शादी, गुस्से में परिवारवाले!

कई बार कुछ ऐसे वाक्या हो जाते हैं, जिनके बारे कुछ कहने के लिए शब्द भी कम पड़ जाते हैं. हाल ही में ऐसी ही एक शादी की खबर आई है. जिसके बारे में सुनने के बाद आपके होश तो उड़ेंगे ही, लेकिन आप सोचने पर भी मजबूर हो जाएंगे, कि आजकल के रिश्तों को हम किस नजर से देखते हैं. दरअसल करीब 6 महीने पहले चचेरे-भाई-बहन बिहार से पहले दिल्ली चले गए. फिर कुछ दिन बाद वापस गांव आ गए, और लॉकडाउन में पति-पत्नी की तरह रहने लगे. ये सारा नजारा देखने के बाद गांव वालों ने काफ नाराजगी जाहिर की और दोनों को घर बाहर कर दिया गया. लेकिन इसके बाद इन दोनों ने पुलिस के साथ मिलकर जो किया वो और भी हैरान करने वाला है.

दरअसल घर से बाहर निकाले जाने के बाद दोनों थाना परिसर में पहुंचकर शादी कर ली. हैरान करने वाली बात तो ये है कि लड़की अभी नाबालिग है, लेकिन नियमों को ताक पर रखकर पुलिस ने ये शादी करवा दी. रिश्तों को एक अजीब चक्रव्यूह में उलझाने वाला ये मामला बिहार के रोहतास जिले का है. जिसमें चचेरे भाई-बहन ही शादी के बंधन में बंध गए और साथ जीने-मरने की कसमे भी खा ली.brother marry with sisये घटना मंगलवार की है जिस दिन भाई ने ही 13 साल की चचेरी बहन से शादी रचा ली. इन दोनों के रिश्तों को देखने के बाद गांव वालों का कहना है कि कलयुग में अपने रिश्ते भी भूल गए हैं.

शादी के बारे में मिली जानकारी के मुताबिक अगरसीडीहरा के स्थानीय निवासी विमल साह और बबन साह दोनों भाई हैं. लेकिन 6 महीने पहले ही विमल का 18 साल का बेटा, उनके भाई बबन की नाबालिग बेटी को गुमराह करके पहले दिल्ली के लिए फरार हो गया था. लड़की आठवीं में पढ़ाई करती है.इससे आप खुद किशोरी की उम्र का अंदाजा लगा सकते हैं कि वो कितने साल की होगी. हालांकि गांव में परिवार की बदनामी न हो इसकी वजह से बबन साह ने किसी से कुछ नहीं कहा. ऐसे में जब महामारी को देखते हुए लॉकडाउन की घोषणा हुई तो दोनों वापस अपने घर आ गए.

चौंकाने वाली बात तो ये थी कि दोनों भाई-बहन की तरह नहीं बल्कि गांव में पति-पत्नी की तरह बर्ताव कर रहे थे. जिसे देखने के बाद गांव वालों को बर्दाश्त नहीं हुआ और उन्होंने इसका विरोध किया. हर दिन कलह में गुजरने की वजह से दोनों को एक साथ घर से निकाल दिया गया.लेकिन इसके बाद दोनों सीधा बड़हरी ओपी थाने में पहुंच गए और वहां पर अपनी सुरक्षा को लेकर पुलिस वालों से नमांग करने लगे. इस दौरान दोनों परिवारों को थाने पुलिस में बुलाया और उन्हें कानून का पाठ पढ़ाते हुए एफआइआर को लेकर भी कई बाते कहीं.

कानूनी बातें सुनने के बाद परिवार वालों ने खुद पुलिस से सामाजिक रिश्तों को दरकिनार करते हुए दोनों बच्चों की शादी कराने के लिए कहा. ऐसे में ओपी परिसर स्थित मंदिर में कानून को ताक पर रखते हुए मंगलवार को 13 साल की नाबालिग बच्ची की शादी उसके चचेरे भाई से करा दी गई.हालांकि अब सवाल ये उठता है कि आखिर पुलिस क्या अपनी जिम्मेदारी को भूल गई है. या फिर कानून के बारे में कुछ पता नहीं है? ऐसे सवाल हैं जो पुलिस पर इस समय खड़े हो रहे हैं.

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