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लखीमपुर कांड : 72 घंटे बीत जाने के बाद भी खाली हाथ है UP POLICE, आरोपियों पर कार्रवाई का बढ़ा दबाव

लखीमपुर खीरी में कार से रौंदे जाने के बाद चार किसानों की मौत और आक्रोष में हुए बवाल एक पत्रकार सहित चार और लोगों की मौत हो गयी। लखीमपुर में आठ लोगों की मौत के बाद अभी तक एक भी आरोपी पकड़ा नहीं जा सका है। रविवार शाम हुई घटना को 72 घंटे से ज्यादा का समय हो चुका है लेकिन अबतक किसी आरोपी की पहचान पुलिस नहीं कर पाई है। कार में बैठे आरोपी और गोली चलाने वालों की शिनाख्त नहीं हो सकी है। एक आरोपी को तो पता तक नहीं है कि उसके खिलाफ केस दर्ज हुआ है। ज्ञात हो कि चारों मतृक किसानों के पोस्टमार्टम पर भी सवाल उठे थे, एक किसान का दोबारा पोस्टमार्टम भी कराया गया। प्रशासन ने अब किसी तरह किसान संगठनों और परिजनों को समझा-बुझाकर चारों किसानों का अंतिम संस्कार करा दिया है। अंतिम संस्कार होने के साथ ही कुछ तनाव कम हुआ है लेकिन अब आरोपियों पर दबाव बढ़ा है।

lakhimpur

आशीष मिश्रा नामजद आरोपी

तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस की कार्रवाई में वह चुस्ती दिखाई नहीं पड़ रही है। पुलिस अभी तक किसानों के अंतिम संस्कार कराने में लगी है। आईजी लखनऊ रेंज लक्ष्मी सिंह की तरफ से बयान आया है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा इस मामले में नामजद आरोपी है। लक्ष्मी सिंह ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। अब तक पूछताछ तक नहीं होने की वजह से विपक्ष के साथ-साथ पीड़ित पक्ष का भी सवाल करने लगा है।

ज्ञात हो कि रविवार को लखीमपुर खीरी में प्रदर्शन कर रहे किसानों पर गाड़ी चढ़ाने का वीडियो भी सामने आ गया है। इस वीडियो में किसानों को रौंदा गया है। दावा किया गया है कि गाड़ी टेनी के बेटे आशीष मिश्रा चला रहे थे। केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी और आशीष मिश्रा दोनों ही इस बात से इनकार कर रहे हैं। टेनी ने तो यह तक कहा कि अगर उनके बेटे का उस मौके पर मौजूद होने का कोई प्रमाण मिल जाता है तो वह मंत्री पद से इस्तीफा देने को तैयार हैं। वहीं आरोपी आशीष मिश्रा को घटना के तीन दिन बाद भी खुद पर हुई एफआईआर की जानकारी नहीं है।

10 से ज्यादा वीडियो आए सामने

लखीमपुर हिंसा से जुड़े अलग-अलग 10 वीडियो अब तक सामने आ चुके हैं। इसमें किसानों पर गाड़ी चढ़ाने का वीडियो, गाड़ी से निकलकर भागते शख्स का वीडियो भी शामिल है। गाड़ी से निकलकर किसानों से बचकर भागता शख्स सुमित है। सुमित ने कहा है कि उनकी गाड़ी पर पथराव हो रहा था, जिसकी वजह से गाड़ी कंट्रोल से बाहर थी और उसी दौरान हादसा हुआ। किसानों को रौंदे जाने के बाद दो किसाने की मौके पर और दो की दब कर मौत हो गयी। आक्रोशित किसानों ने गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। फिलहाल प्रशासन ने लखीमपुर हिंसा मामले की न्यायिक जांच के लिए कमिटी गठित की है। इस में एसआईटी में छह सदस्य हैं।

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