Breaking News

मोहाली वीडियो लीक मामला: DGP ने जांच के लिए किया SIT का गठन, तीन महिला अधिकारियों की बनाई गई टीम

पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने सोमवार को अतिरिक्त डीजीपी गुरप्रीत देव की देखरेख में तीन सदस्यीय सभी महिला विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया, जो विश्वविद्यालय की छात्राओं का आपत्तिजनक वीडियो लीक किए जाने के मामले की जांच करेगा। डीजीपी ने कहा कि इस मामले में एक छात्र और दो अन्य को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने सहयोग के लिए हिमाचल पुलिस में अपने समकक्षों को धन्यवाद दिया। गौरव यादव ने एक वीडियो संदेश में कहा, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए। एसआईटी साजिश की तह तक जाएगी। इसमें शामिल पाए जाने पर किसी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

उन्होंने सभी से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की और कहा, अफवाहों के झांसे में न आएं। आइए, समाज में शांति के लिए मिलकर काम करें। वहीं, हिमाचल के डीजीपी संजय कुंडू ने कहा कि पुलिस ने पंजाब पुलिस के अनुरोध पर तुरंत प्रतिक्रिया व्यक्त की। कुंडू ने ट्वीट किया, हमने आरोपी को पकड़ लिया। शिमला के पुलिस अधीक्षक डॉ. मोनिका और उनकी टीम को शानदार काम के लिए बधाई।

बता दें, मोहाली जिले के विश्वविद्यालय में एक छात्रा ने कथित तौर पर हॉस्टल में रहने वाली अन्य छात्राओं के नहाते समय का वीडियो बनाया और अपने शिमला में बैठे दोस्त को भेज दिया। उस शख्स ने उन वीडियो को ऑनलाइन लीक कर दिया। इस मामले से गुस्साईं छात्राओं ने जमकर हंगामा किया। पुलिस ने इस मामले में विश्वविद्यालय की एमबीए फर्स्ट ईयर की छात्रा को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके दोस्त और एक अन्य व्यक्ति को शिमला में गिरफ्तार किया गया है।

विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी छात्रा का कोई ऐसा वीडियो नहीं मिला, जो आपत्तिजनक हो। सिर्फ एक लड़की को छोड़कर। पूछे जाने पर उस लड़की ने बताया कि उसने यह वीडियो अपने प्रेमी को भेजने के लिए बनाया था। वहीं, नहाते समय का वीडियो बनाकर वायरल किए जाने से दुखी पर छात्राओं द्वारा आत्महत्या के प्रयास किए जाने की खबर पर अधिकारियों ने कहा, ऐसी अफवाहें हैं कि सात लड़कियों ने आत्महत्या की कोशिश की, लेकिन ऐसा नहीं है। यहां किसी भी लड़की ने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया है।

जांच दल का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विवेक सोनी ने रविवार को मीडिया को स्पष्ट रूप से बताया कि घटना के सामने आने के बाद आत्महत्या के प्रयास की कोई खबर नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा, अभी तक वीडियो के वायरल होने का कोई सबूत नहीं मिला है। उन्होंने कहा, जांच के अनुसार, आरोपी छात्रा ने अपना वीडियो बनाया और अपने प्रेमी को भेज दिया। उसने अन्य छात्राओं का कोई वीडियो नहीं बनाया है। इसका अब तक कोई सबूत नहीं है। बहुत सारी गलत सूचनाएं और अफवाहें चल रही हैं। हमें आरोपी छात्रा के शीलता का सम्मान करना चाहिए। हम मामले की जांच कर रहे हैं।

इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियां हमारी शान और सम्मान हैं, ऐसी कोई भी घटना अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और इस अपराध को अंजाम देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *