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भारतीय रेलवे ने रचा अद्भुत इतिहास, मासूम बच्ची को बचाने के लिए चलाई 240 KM बिना रूके ट्रेन

गुजरते और बदलते वक्त के साथ ऐसा बहुत कुछ होता है जो बाद में इतिहास रच दिया करता है। आज हम आपको एक ऐसे ही मामले के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसने इतिहास रच दिया है। इस इतिहास को किसी और ने नहीं बल्कि काफी तेजी सेे विकसित होने वाली रेलवे ने रचा है। जी हां.. आपको बता दें कि भरातीय रेलवे ने गत बुधवार को उत्तर प्रदेश के ललितपुर से लेकर मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल तक बिना रूके 240 किमी की रफ्तार से ट्रेन चलाई। भारतीय रेलवे ने ऐसा महज इसलिए किया, ताकि उस मासूम बच्ची को बचाया जा सके, जिसे एक शख्स कथित तौर पर अगवा कर ले जा रहा था। वहीं, जैसे ही इसकी सूचना रेलवे को लगी तो उन्होंने सभी पैमानों को ताक पर ऱखते हुए बच्ची को बचाना कहीं अधिक मुनासिब समझा। खैर, इस बहाने ही सही, लेकिन उन्होंने एक इतिहास भी रच दिया।

क्या है पूरा मामला 
यहां पर हम आपको पूरा मामला बताते चलते हैं। दरअसल, हुआ यूं था कि उत्तर प्रदेश के ललितपुर रेलवे स्टेशन पर एक महिला ने आरपीएफ को बताया कि एक शख्स उसकी बच्ची को उठा ले गया है। आरपीएफ को फौरन इसकी जानकारी मिलते ही ललितपुर रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी फुटेज के जरिए महिला के जरिए उस शख्स को चिन्हित किया गया, जो उसकी बच्ची को उठा ले गया था। इसके बाद यह जानकारी मिली कि वो शख्स उस बच्ची को लेकर राप्तीगंज एक्सप्रेस ट्रेन पर चढ़ा है, जो सीधा भोपाल जा रही है। इसके बाद ललितपुर रेलवे ने फैसला किया कि अब बिना रूके भोपाल तक ट्रेन चलाई जाएगी। इस दौरान ट्रेन को कहीं नहीं रोका गया। रेलवे के इतिहास में पहली बार 240 किमी की रफ्तार से ट्रेन को चलाया गया। वहीं, भोपाल रेलवे स्टेशन के जीआरपी और आरपीएफ को भी सूचित कर दिया गया कि राप्तीगंज ट्रेन आ रही है, जिसमें एक शख्स बच्ची को ले जा रहा है।

वहीं, ललितपुर रेलवे स्टेशन की इस सूचना के बाद फौरन भोपाल रेलवे स्टेशन सचेत हो गई। सभी कर्मी अलर्ट मोड पर आ गए। अब सभी राप्तीगंज एक्सप्रेस ट्रेन के आने का इंतजार कर रहे थे। उधर, उत्तर प्रदेश के ललितपुर से रवाना हुई ट्रेेन बिना रूके अपने इतिहास की इबारतों को अपने नाम करते हुए 240 किमी की रफ्तार से चल रही थी। बस..इंतजार था.. तो उस पल का की  कैसे भी करके वो शख्स पकड़ा जाए.. जो बच्ची को लेकर जा रहा है। खैर, काफी कश्मकश के बाद ललितपुर से रवाना हुई ट्रेन को अपनी मंजिल मिल गई। बिना रूके यह ट्रेन उस शख्स का पीछा करने तक कामयाब रही। वहीं,  जैसे ही भोपाल रेलवे स्टेशन पर तैनात आरपीएफ और जीआरपीएफ कर्मियों को खबर मिली की राप्तीगंज एक्सप्रेस ट्रेन यहां आ चुकी है, तो फौरन आरपीएफ  सहित जीआरपीएफ कर्मियों ने मोर्चा संभालते हुए उस शख्स को धर दबोचा। जिसने बच्ची को अपने पास रखा हुआ था।

लेकिन कहानी पूरी उल्टी निकली 
खैर, लंबे कश्मकश के बाद ही सही लेकिन बच्ची मिल गई, लेकिन भोपाल रेलवे स्टेशन पर रेलवे कर्मियों के होश उस वक्त फाख्ता हो गए, जब यह मालूम पड़ा कि जो शख्स अपनी बच्ची को ले जा रहा था,  वो कोई और नहीं बल्कि  उसका पिता था, और वो महिला जिसने इस पूरे मामले की शिकायत ललितपुर रेलवे स्टेशन पर दी थी, वो उसकी मां थी। दोनों में किसी बात को लेकर अनबन हुई। अनबन का यह स्तर यहां तक पहुंच गया कि वह शख्स अपनी बच्ची को लेकर वहां से रवाना हो गया। खैर, बाद में रेलवे कर्मियों ने दोनों पति-पत्नी के बीच पुरानी बातों को भूलकर सुलह भी करा दी और फिर बाद में दोनों खुशी-खुशी वहां से रूखसत हो गए, लेकिन इस बहाने ही सही, मगर रेलवे ने एक नूतन इतिहास भी अपने नाम कर दिया।

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