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भगत सिंह कोश्यारी को सरकारी प्लेन से उतारा, गहराया गवर्नर और सरकार के बीच विवाद

महाराष्ट्र सरकार और गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी (Bhagat Singh Koshyari) के बीच विवाद और बढ़ गया है. मुख्यमंत्री की तरफ से गवर्नर को सरकारी जहाज इस्तेमाल करने की परमिशन नहीं दी गई है. जानकारी के मुताबिक, उनको सरकारी प्लेन से उतरना पड़ा था. गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी को मसूरी में आईएएस अकैडमी में होने वाले कार्यक्रम में भाग लेने के लिए हवाई जहाज के जरिए मसूरी जाना था.

फ्लाइट में बैठने के बाद गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी को उतरना पड़ा और अब वह निजी फ्लाइट के जरिए मसूरी जाएंगे. स्पाइसजेट की 12:30 बजे की फ्लाइट में गवर्नर ने बुकिंग की है. जानकारी के मुताबिक, भगत सिंह कोश्यारी लगभग आधे घंटे तक VIP जोन में बैठे रहे थे. फिर उन्होंने सरकार विमान का इस्तेमाल नहीं करने का फैसला लिया.

महाराष्ट्र सरकार और राज्यपाल कोश्यारी में पहले से चल रहा विवाद

महाराष्ट्र में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और महा विकास अघाडी सरकार के रिश्ते पहले से भी कुछ अच्छे नहीं हैं. अभी सोमवार को ही खबर आई थी कि अघाडी सरकार कोश्यारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकती है. खबर थी कि महाराष्ट्र सरकार उसके द्वारा राज्यपाल को भेजे गए 12 नामों को मंजूरी ना दिए जाने के मामले को लेकर राज्यपाल के खिलाफ कानूनी कदम उठाने पर विचार कर रही है. ये नाम विधान परिषद का सदस्य मनोनीत करने के लिए भेजे गए थे. ये नाम नवंबर में भेजे गए थे. लेकिन अबतक उनको मंजूरी नहीं मिली थी.

इससे पहले अक्टूबर 2020 में उद्धव ठाकरे को ‘हिंदुत्व का मजबूत समर्थक’ बताते हुए, राज्यपाल ने उन्हें एक व्यंग्यात्मक पत्र लिखा था. इसमें लिखा था कि आश्चर्य हो रहा है कि क्या सीएम को ‘पूजा के स्थानों के फिर से खोले जाने के कदम को स्थगित रखने के लिए कोई दैवीय आदेश मिल रहा है.’ या फिर आप खुद को ‘धर्मनिरपेक्ष’ बना चुके हैं. एक शब्द जिससे वह (ठाकरे) नफरत करते थे.

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