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बिहारी मजदूरों का दर्द नहीं देख पाए थें रामविलास पासवान, इसलिए किया था ये काम, जान लिया तो करेंगे सलाम

गरीबी क्या होती है? इसे न महज रामविलास पासवान जानते थे बल्कि उन्होंने इसे जीया भी था, इसलिए एक गरीब परिवार से अपने सियासी सफर का आगाज करने वाले पासवान जब सत्ता के फलक पर पहुंचे तो वो अपने दिनों को नहीं भुले और फिर वे वहीं से संकल्पबद्ध हो गए देश के गरीबों की आवाज को उठाने के लिए। उन्होंने गरीबों के हित के लिए अनेकों काम किए। गरीबों की वेदनाओं को दूर करने की दिशा में उन्होंने बेशुमार ऐसे काम किए, जो आज  गरीबों के लिए संजीवनी साबित हो रहे हैं। इसी में से एक काम था ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’…इस योजना को देश में लागू करने की दिशा में पासवान का अहम किरदार रहा है।

क्या है वन नेशन वन राशन कार्ड 
यहां पर हम आपको बताते चले कि वन नेशन वन राशन कार्ड का आगाज इसलिए किया गया था कि देश के किसी भी गरीब को भूखे पेट न सोना पड़े। बता दें कि इस योजना के तहत यह प्रावधान है कि चाहे आप देश के किसी भी राज्य में क्यों हो, लेकिन अगर आपके पास राशन कार्ड है तो फिर आप इस योजना के तहत राशन उठा सकते हैं। बताते चले कि इस योजना के तहत ऐसा बिल्कुल भी नहीं था। इस योजना के पूर्व आपके पास जिस राज्य का राशन कार्ड है। उसी राज्य में राशन उठा सकते हैं, लेकिन अब वन नेशन वन राशन कार्ड आ जाने के बाद आप किसी-भी राज्य में ऱाशन उठा सकते हैं।

पासवान ने समझा गरीबों का दर्द 
..मगर खाद्द मंत्री की भूमिका में नजर आने वाले रामविलास पासवान ने गरीबों के दर्द को समझा, और फिर उसके तहत वन नेशन वन राशन कार्ड की योजना को शुरू किया। पासवान कहते थे कि बिहार का मजदूर अगर दिल्ली मुंबई  में मजदूरी करता है तो फिर तो उसे इस योजना के तहत राशन उठाने का हक मिलना चाहिए। इस योजना के तहत किसी भी राज्य का राशन कार्ड दिखाकर किसी भी राज्य में ऱाशन उठा सकते हैं।

कब हुई थी योजना की शुरूआत 
यहां पर हम आपको बताते चले कि रामविलास पासवान ने इस योजना की शुरूआत 1 जनवरी 2020 को थी। मगर उस वक्त इस योजना को केवल देश के 12 राज्यों में ही लागू किया गया था। पासवान का यह लक्ष्य बन चुका था कि 31 मार्च 2021 तक देश के सभी राज्यों को इस  योजना से जोड़ना है।

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