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पुतिन ने दी गैस आपूर्ति रोकने की धमकी, अमेरिका बोला- ऊर्जा को हथियार बना रहा रूस

यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से अमेरिका के साथ उसकी कड़वाहट बढ़ती जा रही है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कल धमकी दी थी कि यदि अमेरिका ने उसकी गैस की कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिश की तो वह पश्चिमी देशों को ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह रोक देगा। इस पर अमेरिका ने आज आरोप लगाया कि रूस ऊर्जा को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है।

व्हाइट हाउस ने आरोप लगाया है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ऊर्जा को हथियार बना रहे हैं। उधर, पुतिन ने बुधवार को कहा कि वे यूक्रेन में सैन्य कार्रवाई तब तक जारी रखेंगे तब तक कि अपने लक्ष्यों को प्राप्त नहीं कर लेंगे। व्हाइट हाउस ने इस पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि पुतिन फिर ऊर्जा को हथियार बना रहे हैं।

पुतिन ने रूसी गैस कीमतें नियंत्रित करने की कोशिश पर चेताया था कि यदि अमेरिका इस दिशा में आगे बढ़ा तो वह पश्चिमी देशों को एनर्जी की आपूर्ति पूरी तरह रोक देगा। इसके जवाब में व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव के. जीन पियरे ने कहा कि ऊर्जा संकट से निपटने के लिए अमेरिका व यूरोपीय संघ ने एक टास्कफोर्स का गठन किया है। इसके तहत यूरोप के लिए प्राकृतिक गैस की आपूर्ति के वैकल्पिक तरीके खोजे जा रहे हैं। इसके साथ ही स्वच्छ ऊर्जा के विकास की क्षमता बढ़ाने के भी प्रयास किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि यूरोप में सर्दी का सीजन आने वाला है, लेकिन टास्क फोर्स का सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। यूरोप की गैस की कमी पूरी हो जाएगी। रूसी कटौती के बावजूद जर्मनी गैस भंडारण के लक्ष्य को समय से पहले पा लेगा। हमने यूरोप के गैस संकट से निपटने की तैयारी की है। हम जानते थे कि यह पुतिन के प्लेबुक का हिस्सा बनेगा। रूस पिछले कई महीनों से ऊर्जा को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है, इसलिए हम इस चुनौती से निपटने के लिए तैयार रहेंगे।

पुतिन ने रूस को अलग-थलग करने के प्रयासों का उड़ाया उपहास
बता दें, रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने बुधवार को अमेरिका नीत पश्चिमी देशों द्वारा प्रतिबंधों के जरिये रूस को अलग-थलग करने के प्रयासों का भी उपहास किया था। पुतिन ने रूस के सुदूर पूर्वी बंदरगाह शहर व्लादिवोस्तोक में आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक में कहा कि यूक्रेन में सेना भेजने के पीछे आठ साल की लड़ाई के बाद उस देश के पूर्वी क्षेत्र में नागरिकों की रक्षा करना मुख्य लक्ष्य था।

उन्होंने कहा, हम वे नहीं हैें, जिन्होंने सैन्य कार्रवाई शुरू की थी, हम इसे खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। पुतिन ने कहा कि हमारी सभी कार्रवाई का उद्देश्य दोनबास के निवासियों की मदद करना है। यह हमारा कर्तव्य है और हम इस लक्ष्य को हासिल करके रहेंगे। उन्होंने जोर दिया कि रूस ने पश्चिमी देशों की पाबंदियों का सामना करते हुए अपनी संप्रभुता मजबूत की है। पुतिन ने भरोसा जताया कि हमने न तो कुछ खोया है और न ही कुछ खोएंगे।

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