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पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में फुटबॉल मैच के दौरान मैदान पर हुआ बड़ा धमाका, 12 लोग घायल

पाकिस्तान (Pakistan) का बलूचिस्तान प्रांत (Balochistan Province) बम धमाकों से दहल उठा है. पुलिस ने बताया कि मंगलवार को एक फुटबॉल मैच (Football Match) के दौरान मैदान पर ही एक जबरदस्त धमाका (Blast) हुआ. इस धमाके में 12 लोग घायल हो गए. पड़ोसी मुल्क का बलूचिस्तान प्रांत लंबे समय से अशांत प्रांत रहा है. यहां हमेशा ही बम धमाके होते रहते हैं. यहां मौजूद खदानों में काम करने वाले श्रमिकों को भी आतंकी निशाना बनाते रहते हैं.

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मोहम्मद अहमद जहीर ने कहा कि प्रांत के इंडस्ट्रीयल सेंटर हुब के अलाहाबाद टाउन में एक फुटबॉल मैच हो रहा था. ये मैच सेवा के दौरान मारे गए पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देने के लिए खेला जा रहा था. इस दौरान स्थानीय रूप से निर्मित आईईडी के जरिए जबरदस्त धमाका किया गया. उन्होंने कहा कि इस धमाके में 12 लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए फौरन कराची (Karachi) ले जाया गया. घायलों में से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है.

CPEC से संबंधित काम करने वाले लोगों को बनाया जाता है निशाना

एक अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि ये धमाका टूर्नामेंट के फाइनल मैच में हुआ. फिलहाल पुलिस ब्लास्ट की वजहों की तलाश में जुट गई है. साथ ही इस बात की भी जांच की जा रही है कि इस धमाके को क्यों अंजाम दिया गया. बता दें कि हुब टाउन कराची को बलूचिस्तान से जोड़ता है. अलगाववादी और आतंकी बलूचिस्तान में लंबे समय से अनेकों बम धमाकों को अंजाम देते आए हैं. आमतौर पर इन धमाकों के जरिए प्रांत के विभिन्न हिस्सों में अरबों डॉलर के चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) पर काम करने वाले सेना के जवानों, पुलिसकर्मियों और खनन श्रमिकों और मजदूरों को निशाना बनाया जाता है.

बलूचिस्तान में पिछले साल भी हुए कई धमाके

पिछले साल, आतंकवादियों ने ऑरमारा में मकरान कोस्टल हाईवे पर ऑयल एंड गैस डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड के एक काफिले के एस्कॉर्टिंग वर्कर पर हमला किया. इस हमले में फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) के सात सैनिक और सात सुरक्षा गार्ड मारे गए. वहीं, पिछले साल ही हुब में हुए एक अन्य धमाके में पुलिस और सेना के जवानों समेत आठ लोग मारे गए. यहां मौजूद अलगाववादी प्रांत में हो रहे निर्माण कार्यों को लेकर पाकिस्तान सरकार के खफा रहते हैं. इनकी मांग है कि यहां संसाधनों का दोहन ना किया जाए.

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