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पत्रकार पर्ल के हत्यारों को छोड़े जाने पर अमेरिका हुआ सख्त, बढ़ा आक्रोश

पाकिस्तान में हत्यारों पर भी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। साक्ष्य के अभाव में उन्हें छोड़ दिया जा रहा है। पाकिस्तान के सिंध हाई कोर्ट ने अमेरिकी पत्रकार डेनियल पर्ल को अगवा कर सिर काटने के आरोपियों को रिहा करने का आदेश दे दिया है जिससे दुनिया में हलचल मच गई है। इस फैसले से नाखुश अमेरिका ने अपनी चिंता जाहिर की है। गुरुवार को सिंध हाई कोर्ट ने मामले के आरोपी आतंकी अहमद उमर, सईद शेख, फहाद नसीम, शेख आदिल और सलमान साकिब को रिहा करने के आदेश दिए हैं। आरोपी आतंकियों को रिहा होने से न्याय की उम्मीद समाप्त हो गयी है।

सिंध हाई कोर्ट ने आरोपी अहमद उमर शेख और अन्य के नाम एग्जिट कंट्रोल लिस्ट में डालने का भी आदेश दिया है। ये आरोपी बीते 18 सालों से जेल में थे। अब कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि आरोपियों को कोर्ट के समन पर पेश होना पड़ेगा।  ज्ञात हो कि आरोपो की पुष्टि होने में देर हो चुकी है। आरोपियों को 18 साल सिर्फ मुकदमे के लिए गुजारना पड़ा। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के साउथ ऐंड सेंट्रल एशियन अफेयर्स ब्यूरो ने ट्वीट कर इस फैसले से नाखुशी जाहिर की है।

ट्वीट में लिखा गया है कि सिंध हाई कोर्ट ने 24 दिसंबर को पत्रकार डेनियल पर्ल की हत्या के आरोपियों को रिहा करने के आदेश हम बेहद चिंतित हैं। हमें यह आश्वासन दिया गया था कि इस बार आरोपियों को रिहा नहीं किया जाएगा। हम समझते हैं कि यह मामला चल रहा है और इसकी जांच बारीकी से की जाएगी। हम इस मुश्किल प्रक्रिया के समय पर्ल के परिवार के साथ खड़े हैं। हम एक साहसी पत्रकार के रूप में डेनियल पर्ल का हमेशा सम्मान करेंगे।

ज्ञात हो कि पर्ल के हत्यारों को पाकिस्तान ने वादा किया था कि उनको रिहा नहीं किया जाएगा। साल 2002 में वॉल स्ट्रीट जर्नल के साउथ एशिया ब्यूरो में काम करने वाले 38 वर्षीय डेनियल पर्ल को आतंकियों ने अगवा कर लिया था। पर्ल अल-कायदा से जुड़े आतंकी गुटों को लेकर एक खोजी रिपोर्ट कर रहे थे लेकिन उन्हें अगवा करने के बाद उनका सिर कलम कर हत्या कर दी गई थी। पर्ल की हत्या के बाद दुनिया में आक्रोश देखा गया था।

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