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निरंजनी अखाड़े के पंचों का फैसला, नरेंद्र गिरि के उत्तराधिकारी बने बलबीर गिरि

हरिद्वार: निरंजनी अखाड़े में पंचों की बैठक शुरू हो गई है. बैठक में निरंजनी अखाड़े के प्रमुख संत मौजूद हैं. महंत नरेंद्र गिरि के निधन के बाद बैठक में उनके उत्तराधिकारी का निर्णय लिया जाएगा.

निरंजनी अखाड़े में पंचों की बैठक शुरू हो गई है. सभी निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि का इंतजार कर रहे हैं. जल्द ही नरेंद्र गिरि के उत्तराधिकारी की घोषणा की जाएगी. निरंजनी अखाड़े के सचिव रविंद्र पुरी ने बाघम्बरी मठ की वसीयत दिखाई.

बैठक में फैसला लिया गया है कि निरंजनी अखाड़े में बाघम्बरी मठ में संचालन के लिए 1 बोर्ड बनाया जाएगा. अखाड़े के हित और मर्यादा में कार्य करवाने के लिए ये बोर्ड बनवाया जा रहा है. बोर्ड में निरंजनी अखाड़े के पांच लोग शामिल होंगे. बलबीर गिरि का नरेंद्र गिरि का उत्तराधिकारी बनना लगभग तय है.

महंत नरेंद्र गिरि के निधन के बाद हरिद्वार के निरंजनी अखाड़े में यह पहली बैठक है. निरंजनी अखाड़े के सचिव रविंद्र पुरी ने बताया कि अखाड़े के पंचों व साधु-संतों ने मिलकर ये निर्णय लिया है कि आज सभी संतों की बैठक बुलाई जाए.

जिसमें महंत नरेंद्र गिरि के उत्तराधिकारी को चुना जाए. बैठक में सभी संत अपने-अपने सुझाव रखेंगे और निर्णय लेंगे कि कौन महंत नरेंद्र गिरि का उत्तराधिकारी होगा. बैठक में जानकारी देते हुए रविंद्र पुरी ने बताया कि हमारे निरंजनी अखाड़े के पंचों में आठ अष्ट कौशल महंत और आठ उपमहंत सम्मिलित होते हैं.

वहीं निरंजनी अखाड़े के सचिव रविंद्र पुरी ने कहा कि बलवीर गिरि को उत्तराधिकारी घोषित करने पर सहमति बन गई है, लेकिन इसकी औपचारिक घोषणा बैठक के बाद की जाएगी.

बता दें कि, महंत नरेंद्र गिरि की मौत के बाद बलबीर गिरि का उनका उत्तराधिकारी बनना तय बताया जा रहा है. क्योंकि पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के पंच परमेश्वरों की बातचीत में इतना तय हो गया है कि महंत नरेंद्र गिरि की वसीयत के अनुसार बलबीर गिरि को ही बाघम्बरी मठ का उत्तराधिकारी बनाया जाएगा. आज की बैठक में उत्तराधिकारी के रूप में बलबीर गिरि के नाम पर अंतिम मुहर लगने के बाद उन्हें उत्तराधिकारी घोषित कर दिया जाएगा.

गौर हो कि, 20 सितंबर को महंत नरेंद्र गिरि का शव बाघम्बरी मठ आश्रम के कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला था. ऐसे में शिष्यों ने दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारा. साथ ही महंत नरेंद्र गिरि के कमरे से पुलिस को लगभग 6-7 पन्नों का एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है. सुसाइड नोट में मानसिक रूप से परेशानी का जिक्र है. सुसाइड नोट में महंत नरेंद्र गिरि के शिष्य आनंद गिरि पर उन्हें परेशान करने का भी आरोप है.

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