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नाराज ब्राह्मण समाज को साधने के लिए BJP ने बनायी रणनीति, ऐसा होगा प्रबुद्ध संवाद

बढ़ते कोरोना मामलों के बीच अब राजनीतिक दल मतदाताओं को साधने में नया जुगाड़ लगा रहे हैं। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी ने नाराज ब्राह्मण समाज को मनाने की तैयारी कर ली है। बीजेपी बिना हल्ला और प्रचार-प्रसार के प्रत्येक विधानसभा में प्रबुद्ध संवाद का आयोजन करेगी। बीजेपी शुक्रवार से ही लखनऊ से इस अभियान की शुरूआत करने जा रही है। प्रबुद्ध संवाद में ब्राह्मण समाज की नाराजगी पर मंथन होगा। पिछले सप्ताह दिल्ली में ब्राह्मणों की नाराजगी को लेकर हुए दो बड़ी बैठकें हुई थीं। बैठक के बाद बीजेपी ने अब ब्राह्मणों को मनाने की कवायद में अपने कार्यक्रमों की शुरुआत कर दी है। शुक्रवार को लखनऊ में परशुराम की मूर्ति और पूजन का कार्यक्रम जोर शोर से हो रहा है, इसमें दिनेश शर्मा और रीता बहुगुणा जोशी शामिल होंगे। इसके साथ ही बीजेपी अपना प्रबुद्ध संवाद भी शुरू करेगी जो सभी विधानसभाओं में होगा।

सभी विधानसभाओं में होगा संवाद

बीजेपी के सभी ब्राह्मण नेताओं को वह चाहे सरकार में हो या संगठन में अगले 1 महीने में सभी 403 विधानसभाओं में यह प्रबुद्ध संवाद करना है। इस प्रबुद्ध संवाद कार्यक्रम में विधानसभा के प्रबुद्ध लोगों से एक संवाद होगा। इसमें ज्यादातर ब्राह्मण समाज के होंगे, उन्हें सुना जाएगा। हर नेता अपने कार्यक्रम में दो से तीन दर्जन प्रबुद्ध जनों की बैठक लेगा। भारतीय जनता पार्टी अपने ब्राह्मण मतों को एक बार फिर साथ लाने की कोशिश कर रही है। इस कार्यक्रम को मीडिया से दूर रखा जाएगा और इस संवाद में नाराजगी पर मंथन होगा और फिर संवाद से समाधान पर चर्चा होगी। बीजेपी बड़े स्तर पर ब्राह्मणों को मनाने का कार्यक्रम को करने जा रही है, जिसमें सभी ब्राह्मण नेताओं को जमीन पर उतारा जाएगा।

लखनऊ के बीजेपी दफ्तर में एक नेता को कोऑर्डिनेटर के तौर पर इसकी जिम्मेदारी दी गई है। यही नेता सभी प्रबुद्ध संवाद कार्यक्रमों को तय करेगा। नेताओं की जिम्मेदारी दी जाएगी। भाजपा से नाराज लोगों की लिस्ट भी विधानसभाओं में तैयार की जा रही है। ओपिनियन मेकर हैं ऐसे लोगों की भागीदारी हर विधानसभा में सुनिश्चित की जाएगी। ज्ञात हो कि दिल्ली के बैठक में बहुत सारे नेताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष से खुलकर अपने मन की भड़ास निकाल दी थी। बैठक में यह बात निकलकर आई की ब्राह्मणों की नाराजगी मोल लेना बीजेपी को चुनाव में भारी पड़ सकता है। इसके बाद जो रणनीति तय हुई के आधार पर अगले 1 महीने में सभी विधानसभा के प्रबुद्ध जनों के साथ ये बैठक तय की गई हैं।

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