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नगर निगम चुनाव में AAP का जलवा, जीत पर बोले राघव चड्ढा- चंडीगढ़ तो झांकी है, पिक्चर अभी बाकी है, केजरीवाल ने कहा- पंजाब बदलाव के लिए तैयार

चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव (Chandigarh Municipal Corporation Election) के नतीजें सामने आ चुके हैं और इसने सभी पार्टियों को चौंका दिया है. नगर निगम में 35 सीटें हैं और 14 सीटों को जीतकर आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) यानी कि आप सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. इन नतीजों को बेहद ही अहम माना जा रहा है क्योंकि इनके जरिए पंजाब चुनाव के समीकरण को समझने में मदद मिलेगी. वहीं, आप भी नतीजों से गदगद नजर आ रही है और उनके नेताओं ने कहा है कि चंडीगढ़ तो झांकी है, पंजाब में अभी पिक्चर बाकी है. उन्होंने कहा कि लोगों ने ईमानदार राजनीति को चुना है.

आप नेता राघव चड्ढा दिल्ली में कहा, ‘मैं आप और अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की ओर से चंडीगढ़ के लोगों को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने हमारी जैसी छोटी और ईमानदार पार्टी को इतना प्यार और विश्वास दिया, जिसने यहां पहली बार चुनाव लड़ा. चंडीगढ़ तो झांकी है, पंजाब में अभी पिक्चर बाकी है.’ वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘चंडीगढ़ नगर निगम में आम आदमी पार्टी की ये जीत पंजाब में आने वाले बदलाव का संकेत है. चंडीगढ़ के लोगों ने आज भ्रष्ट राजनीति को नकारते हुए आप की ईमानदार राजनीति को चुना है. आप के सभी विजयी उम्मीदवारों एवं सभी कार्यकर्ताओं को बहुत-बहुत बधाई. इस बार पंजाब बदलाव के लिए तैयार है.’

मेयर पद का पेंच फंसा

वहीं, आम आदमी पार्टी चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में भले ही सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन उसके लिए आगे का रास्ता कठिन है. दरअसल, आप को 35 में से 14 सीटों पर जीत मिली है, लेकिन मेयर के पद के लिए 18 पार्षदों की जरूरत होती है. इस तरह आप के पास चार पार्षद कम हैं. ऐसे में आप ने कहा है कि कांग्रेस और बीजेपी को मोरल ग्राउंड पर मेयर का चुनाव होने देना चाहिए. इस दौरान उन्हें आपत्ति भी नहीं जतानी चाहिए. आप ने कहा है कि वह सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. जनता ने इस चुनाव के जरिए दिखाया है कि वह बीजेपी और कांग्रेस के साथ नहीं है.

गौरतलब है कि हर पांच साल में नगर निगम चुनाव होते हैं. इस बार चुनाव में बीजेपी, कांग्रेस और आप के बीच त्रिकोणीय मुकाबला हुआ है. पिछले चुनाव में बीजेपी ने 20 सीटें जीती थीं और अकाली दल के हिस्से में एक सीट आई थी. वहीं, कांग्रेस को चार सीटों पर जीत मिली थी. बीजेपी ने पिछले पांच वर्षों की अपनी उपलब्धियोंके सहारे चुनाव लड़ा, जबकि, कांग्रेस और आप ने विकास कार्य करने में कथित तौर पर विफल रहने के लिए बीजेपी पर निशाना साधा और ‘स्वच्छ सर्वेक्षण’ (स्वच्छता के लिए एक रैंकिंग) रैंकिंग में शहर के नीचे जाने पर उसकी आलोचना की.

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