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चीन को ध्वस्त करने में जुटें भारत और अमेरिका, जानिए क्या है ट्रंप-मोदी का मास्टर प्लेन

कोरोना वायरस एक देश और एक शहर तक सीमित नहीं बल्कि पूरी दुनिया में कब्जा कर चुका है। इस वक्त दुनिया भर में इस वायरस से करीब 35 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हैं, वहीं करीब 2 लाख 70 हजार से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इस महामारी से सबसे ज्यादा आहत अमेरिका को लगा है। अमेरिका में अकेले 76 हजार लोगों ने अपनी जान गंवाईं है। वहां 10 लाख से भी ज्यादा लोग इस वायरस से जूझ रहे हैं। ये वायरस चीन से फैला था और चीन पर आरोप भी लगाए गए थें कि उन्होंने ही इस वायरस को फैलाया है।

वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी चीन को इस वायरस को लेकर जिम्मेदार ठहरा रहे हैं और धीरे धीरे अमेरिका और चीन के व्यापारिक रिश्तों पर असर पड़ रहा है। वहीं दोनों देशों के इस तू-तू मे-मे भारत फायदा उठाने की फिराक में है और अमेरिका कंपनियों को चीन से निकालकर भारत लाने की तैयारी में जुट गई है।

दरअसल, चीन में अमेरिका की करीब 550 कंपनियां मौजूद है। भारत सरकार का मुख्य ध्यान मेडिकल इक्विपमेंट आपूर्तिकर्ता, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, लेदर, टेक्सटाइल्स और ऑटो पार्ट्स निर्माता कंपनियों को आकर्षित करने पर है। आपको बता दें कि कोरोना वायरस को लेकर डोनाल्ड ट्रंप आए दिन चीन को जिम्मेदार ठहराता रहता है। साथ ही ट्रंप ने अपने बयान में व्यापार की कमी की आशंका को जाहिर किया था।

बताया जा रहा है कि अगर सरकार चीन में मौजूद अमेरिकी कंपनियों को भारत लाने में सफल होती है तो लॉकडाउन में हुई आर्थिक क्षति की भरपाई की जा सकती है।  साथ ही जीडीपी में मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर के योगदान को वर्तमान में 15 फीसदी से बढाकर 25 फीसदी तक ले जाने में मदद मिलेगी।

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