Breaking News

गुप्त नवरात्रि पर ये विशेष उपाय करने से दूर होगी आपके जीवन की सभी परेशानियां

चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि की तरह ही साल में दो बार गुप्त नवरात्रि भी आती है. गुप्त नवरात्रि माघ मास के शुक्ल पक्ष और आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष में आती है. विशेष सिद्धियों की प्राप्ति के लिए इन नवरात्रि में माता के काली रूप और दस महाविद्याओं की पूजा की जाती है. इस दौरान किए जाने वाले मंत्र, जाप और पाठ वगैरह को पूरी तरह से गुप्त रखा जाता है. माघ मास की गुप्त नवरात्रि 12 फरवरी से शुरू हो रही है और 21 फरवरी तक चलेगी. इस दौरान कुछ विशेष उपाय करके आप तमाम संकटों से मुक्ति पा सकते हैं.


मनचाहे वर के लिए

यदि कन्या का विवाह नहीं हो पा रहा है या मन पसंद वर की कामना है तो गुप्त नवरात्रि के दौरान किसी भी दिन शिव मंदिर में जाएं. वहां भगवान शिव और मां पार्वती पर जल व दूध चढ़ाएं और पंचोपचार चंदन, पुष्प, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित कर उनका पूजन करें. इसके बादकलावा लेकर दोनों का गठबंधन कर दें. इसके बाद लाल चंदन की माला लेकर हे गौरी शंकरार्धांगी, यथा त्वं शंकर प्रिया… और मां कुरु कल्याणी, कान्त कान्तां सुदुर्लभाम इन दोनों मंत्रों का 108-108 बार जाप करें. इस जाप को तीन माह तक जारी रखें. आप इसे मंदिर या घर के पूजा स्थल पर कर सकती हैं. लेकिन जाप के साथ पंचोपचार पूजा भी करना जरूरी है.

धन प्राप्ति के लिए

यदि आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं तो गुप्त नवरात्रि के दौरान किया उपाय आपके लिए काफी काम का साबित हो सकता है. लेकिन इसे करते हुए कोई आपको न देखे. गुप्त नवरात्रि के किसी भी दिन सभी कार्यों से निवृत्त होकर उत्तर दिशा की ओर मुख करके पीले आसन पर बैठ जाएं. अपने सामने तेल के 9 दीपक जला लें. इनमें इतना तेल भर दें कि ये दीपक साधनाकाल तक जलते रहने चाहिए. दीपक के सामने रोली से रंगे लाल चावल की एक ढेरी बनाएं.उस पर एक श्रीयंत्र रखकर उसका कुंकुम, फूल, धूप और दीप से पूजन करें. उसके बाद एक प्लेट पर स्वस्तिक बनाकर उसे अपने सामने रखकर उसका पूजन करें. इसके बाद श्रीयंत्र को अपने पूजा स्थल पर स्थापित कर लें और शेष सामग्री को नदी में प्रवाहित कर दें. पूजा स्थान पर नियमित श्रीयंत्र की पूजा करें. इससे अचानक आपके लिए धन के रास्ते खुलेंगे.


परीक्षा में सफल होने के लिए

गुप्त नवरात्रि में किसी भी दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद सफेद रंग का सूती आसन बिछाकर पूर्व दिशा की ओर मुख करके उस पर बैठ जाएं. अपने सामने पीला कपड़ा बिछाकर उस पर 108 दानों वाली स्फटिक की माला रख दें और इस पर केसर व इत्र छिड़क कर इसका पूजन करें. इसके बाद धूप, दीप और अगरबत्ती दिखाकर ऊँ ह्लीं वाग्वादिनी भगवती मम कार्य सिद्धि कुरु कुरु फट् स्वाहा मंत्र का 31 बार उच्चारण करें. इस प्रकार 11 दिन तक करने से वह माला सिद्ध हो जाएगी. इसके बाद आप जब कभी कोई परीक्षा देने या इंटरव्यू देने जाएं तो इस माला को पहनकर जाएं. इससे सफलता की संभावनाएं बढ़ जाएंगी.

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *