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खुलते ही औंधे मुंह गिरा शेयर बाजार, 1500 अंक टूटा सेंसेक्स- निवेशकों के डूबे 5.5 लाख करोड़

सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को शेयर बाजार खुलने के साथ ही धड़ाम हो गया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1118 अंकों की गिरावट के साथ 53184 के स्तर पर और निफ्टी 324 अंकों की गिरावट के साथ 15877 के स्तर पर खुला। फिलहाल, सेंसेक्स 1315 अंक फिसलकर कारोबार कर रहा है, तो निफ्टी 15,833 के स्तर पर आ गया है। सुबह के 9.20 बजे केवल सनफार्मा और पावर ग्रिड के शेयर हरे निशान में हैं। HDFC, कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फाइनेंस, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, एल एंड टी, इंडसइंड बैंक जैसे शेयरों में 3 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखी जा रही है। आज सुबह डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड लो 78.11 के स्तर पर खुला। पहली बार डॉलर के मुकाबले रुपया 78 के नीचे फिसला है। शुक्रवार को यह 77.83 के स्तर पर बंद हुआ था।

 

सुबह के 10.20 बजे सेंसेक्स में 1500 अंकों से अधिक की गिरावट देखी जा रही है। इस समय सेंसेक्स 1513 अंकों की गिरावट के साथ 52789 के स्तर पर और निफ्टी 441 अंकों की गिरावट के साथ 15760 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था। आज की गिरावट में अभी तक निवेशकों के 5.5 लाख करोड़ रुपए डूब चुके हैं। इस समय सेंसेक्स के टॉप-30 में सभी शेयर लाल निशान में ट्रेड कर रहे हैं। बजाज फाइनेंस और बजाज फाइनेंशियल सर्विसेज, इंडसइंड बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और इंडसइंड बैंक के शेयरों में इस समय साढ़े चार से साढ़े पांच फिसदी तक की गिरावट देखी जा रही है। निफ्टी बैंक, फाइनेंशियल इंडेक्स, पीएसयू बैंक, प्राइवेट बैंक इंडेक्स और रियल्टी में सबसे ज्यादा गिरावट देखी जा रही है।

शेयर बाजार पर ग्लोबल बिकवाली का असर दिख रहा है। अमेरिका में महंगाई ने 41 सालों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया और यह बाजार के अनुमान से अधिक रहा। महंगाई के कारण अमेरिकी वॉल स्ट्रीट में भारी बिकवाली हुई। डाउ जोन्स 2.73 फीसदी, S&P 500 में 2.91 फीसदी, नैसडैक में 3.52 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई। इसके कारण भारतीय बाजार पर भी बिकवाली हावी है। इसी सप्ताह अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अहम बैठक होने वाली है। रिकॉर्ड इंफ्लेशन के कारण माना जा रहा है कि FOMC की बैठक में इंट्रेस्ट रेट में 50 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी की जाएगी। इसका असर ग्लोबल मार्केट पर दिख रहा है।

 

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटिजीस्ट वीके विजय कुमार ने कहा कि भारती बाजार में तब तक उठापटक दिखेगा, जब तक अमेरिकी बाजार में हलचल बनी रहेगी। अमेरिका में रिकॉर्ड महंगाई के कारण फेडरल रिजर्व पर इंट्रेस्ट रेट बढ़ाने का दबाव बढ़ गया है। माना जा रहा है कि वह 2023 के मध्य तक इंट्रेस्ट रेट को बढ़ाकर 3.5 फीसदी पर ले जाएगा। ऐसे में RBI पर भी रेपो रेट बढ़ाने का दबाव बढ़ जाएगा। इंट्रेस्ट रेट में बढ़ोतरी इक्विटी मार्केट के लिए नकारात्मक फैक्टर है। ऐसे में निवेशकों को सतर्क होने की सलाह है।

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