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औरंगाबाद जहरीली शराब कांड में अब तक 12 लोगों की मौत, गांवों में सर्वेक्षण जारी

जहरीली शराब से अब तक 12 लोगों मौत हो गई है. औरंगाबाद के मदनपुर प्रखंड में कई लोगों ने अपनी आंखों की रोशनी भी गंवा दी है. वहीं, स्थानीय ग्रामीणों और नेताओं का दावा है कि मौतों की संख्या 20 से अधिक है. जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल के अनुसार, राहत कार्य किए जा रहे हैं और कुछ लोगों का इलाज अस्पताल में चल रहा है. बता दें कि बीते 22 मई को पहली बार जहरीली शराब से मौत का यह मामला तब सामने आया था जब रानीगंज गांव में 3 लोगों की मौत हो गई थी. इसके बाद विभिन्न गांवों में एक के बाद एक मौत होते रहे और अब आधिकारिक रूप से यह आंकड़ा 12 तक पहुंच गया है.

हालांकि, कई स्थानीय नेता व ग्रामीण दावा कर रहे हैं कि 20 अधिक लोगों ने इस त्रासदी में अपनी जान गंवाई है. इसके साथ ही डीएम सौरभ जोरवाल तथा एसपी कांतेश कुमार मिश्र के द्वारा जगह-जगह पर जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है.इस बीच मदनपुर प्रखंड के जिन गांवों में जहरीली शराब के संभावित सेवन के कारण लोगों की मृत्यु हुई है, उन सभी गांवों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से चिकित्सकीय सर्वे कराया गया. नकली शराब की आशंका के तहत कराये जा रहे सर्वे के क्रम में शराब से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं मनोवैज्ञानिक नुकसान और मृत्यु की आशंका के बारे में लोगों को जागरूक किया गया.

सर्वे के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बताया कि ग्राम बेरी के चार घरों में सर्वे के बाद किसी तरह की कोई परेशानी नहीं पाई गई. वहीं, खिरियावां में सोलह घरों का सर्वे किया गया तो पता चला कि तीन लोगों का इलाज चल रहा है. ग्राम बरडी के एक व्यक्ति रामाशीष यादव के संबंध में जानकारी मिली कि इलाज हेतु उन्हें प्राइवेट अस्पताल में गया में भर्ती कराया गया है.

दशवत खाप के रहने वाले पचास वर्षीय उमेश राम के संबंध में उनके परिजनों द्वारा बताया गया कि उनका इलाज चल रहा है, जबकि ग्राम परसा में तीस घरों का सर्वे किया गया; जहां कोई दिक्कत नहीं पाई गई. कटैया गांव में एक संभावित व्यक्ति के बारे में सूचना दी गई कि उनका इलाज चल रहा है. पड़रिया गांव में नौ लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें से दो लोगों का इलाज अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज, गया में चल रहा है. वहीं शेष स्थानीय चिकित्सक से इलाज करा रहे हैं.

नोनियाडिह एवं पनवारा गांव में तीन संभावित लोग पाए गए जिनमें से एक का अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज, गया में इलाज चल रहा है तथा दूसरे का इलाज स्थानीय क्लीनिक में चल रहा है. दोनों की स्थिति ठीक बताई गई।साथ ही जिला स्तर से अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. किशोर कुमार के नेतृत्व मे चिकित्सकों की एक टीम के साथ स्टाफ नर्स, एएनएम एवं आशा के द्वारा चिकित्सकीय कैंप के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है.

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