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आतंक की राह पर चल पड़ा था भतीजा, सेना को किया आत्मसमर्पण, तो खुश हुए चाचा ने छूए सुरक्षाबलों के पैर

उस मंजर को देखकर चाचा का दिल खुश हो गया। कही न कहीं आंखे डबडबा गई थी। दिल खुश हो चुका था। चेहरे पर मुस्कान उतर आई थी, और उधर सुरक्षाबल उस आतंकवादी को गिरफ्तार करने की तैयारी  में जुट चुके थे। वहीं, चाचा के खुशी का ठिकाना न था। अपने भतीजे की गिरफ्तारी से खुश हुए चाचा ने वहां मौजूदा सुरक्षाबलों के पैर छूकर अपनी खुशी का इजहार किया.. और, वजह बनी आतंक की राह पर जा चुके उस उसके भतीजे का आत्मसर्पमण , जो कुछ दिनों पहले आतंक की राह को अपने जीवन का लक्ष्य बना चुका था। उसने यह फैसला कर लिया था कि वो भी अन्य आतंकवादियों की तरह आतंक की राह पर चलकर इंसानियत का दुश्मन बनेगा, लेकिन श्रीनगर से सटे बडगाम जिले के चदूरा में सुरक्षाबलों ने जब उसे जिंदा गिरफ्तार कर लिया था तो उसने बिना किसी विरोध के आत्मसर्पण का फैसला किया, जिससे खुश होकर उसके चाचा ने सुरक्षाबलों के पैर तक छू लिए। उसके चाचा ने सुरक्षाबलों का तेहदिल का शुक्रिया अदा किया और अपने भतीजे को गले से लगाया।

आखिर कौन है ये आतंकी 
यहां पर हम आपको बताते चले कि सुरक्षाबलों के गिरफ्त में आए इस आतंकी की पहचान अहमद भट्ट के रूप में हुई है। यह गत 13 अक्टूबर को चादूरा से लापता हो गया था। आतंक की राह पर जाने से पहले वो दुकान चलाकर अपनी आजीविका चलाता था। मगर इससे पहले कि वो आतंक के दलदल में बुरी तरफ फंस  जाए सुरक्षाबलों  ने उसे बडगाम से सेब बागान में घेर लिया। अपनी सरेंडर पॉलिसि के तहत सुरक्षाबलों ने  जब उसे आत्मसमर्पण  का समय दिया, तब उसने भी आत्मसमर्पण कर दिया। इस दौरान सेना ने उसके चाचा को भी बुला लिया। वहीं पर यह पूरी घटना घटी। इस दौरान इस पूरी घटना को वीडियो में कैद कर लिया  गया, जो इस समय सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है।

बरामद हुए ऐसे घातक हथियार 
अगर अहमद भट्ट सुरक्षाबलों की गिरफ्त में न आता है, तो यह कितना खतरनाक साबित हो सकता था। इसका अंदाजा आप महज इसी से लगा सकते हैं कि इसके पास से कई हथियार भी बरामद हुए हैं। एके-47 उन दो राईफल्स में से एक है, जो 13 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर पुलिस का एक एसपीओ एसओजी कैंप से लेकर फरार हो गया था।

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