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PFI स्लीपर सेल कर रहे थे देश में हिंसा और 2023 में बड़े आतंकी हमले की साजिश

बिहार (bihaar) के राजधानी पटना के फुलवारीशरीफ से देश में हिंसा (country) (violence) और नफरत फैलाने (spread hatred) की रची गई बड़ी साजिश (big conspiracy) का खुलासा हुआ है। पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) (Popular Front of India (PFI)) दफ्तर पर छापेमारी के 3 दिन बाद पुलिस ने मुनीर कॉलोनी से स्लीपर सेल (sleeper cell) के रूप में रह रहे मरगूब अहमद दानिश उर्फ ताहिर को गिरफ्तार किया है। संदिग्ध आतंकी मुनीर गया जिले के बिथो शरीफ का रहने वाला है। उसके तार पाकिस्तान और बांग्लादेश से जुड़े हैं। वह वाट्सएप ग्रुप के जरिए पाकिस्तान, बांग्लादेश और अन्य इस्लामिक देशों से नेटवर्क चला रहा था।

पीएफआई से जुड़े तीन संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद चौथे की फुलवारी से गिरफ्तारी से पुलिस महकमे के साथ ही जांच एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। साल 2023 में थी देश में बड़ी घटना को अंजाम देने की साजिश थी। एटीएस के साथ मिलकर पुलिस इस साजिश का पर्दाफाश करने में जुटी है। गुप्त मैसेज को डिकोड किया जा रहा है।

एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लो ने शुक्रवार को बताया कि गजवा-ए-हिंद के नाम से बनाए गए दो वाट्सएप ग्रुप और मैसेंजर के जरिए देश में हिंसा फैलाने की साजिश रची जा रही थी। साथ ही कश्मीर में हो रही आतंकवादी घटनाओं का वीडियो अपलोड कर लोगों को भड़काने का काम भी किया जा रहा था। उसके ग्रुप में पाकिस्तान और बांग्लादेश के 181 लोगों के जुड़े होने का पता चला है।

गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी के कब्जे से जब्त मोबाइल में देश और संप्रदाय विरोधी कार्य करने के साक्ष्य भी मिले हैं। पुलिस ने गिरफ्तार मरगूब से कड़ी पूछताछ की। बाद में उसे अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अरविंद कुमार सिंह की अदालत में पेश किया गया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में 26 जुलाई तक के लिए बेऊर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने उसके संपर्क व ग्रुप में जुड़े रहे लोगों की तलाश शुरू कर दी है।

पाकिस्तान से जुड़े हैं तार, फैजान से होती थी बात
एसएसपी ने बताया कि पकड़े गए संदिग्ध का कनेक्शन पाकिस्तान से है। पाकिस्तान के फैजान नामक संदिग्ध से उसकी हर दिन बात होती थी। इसके साक्ष्य मरगूब के जब्त मोबाइल में मिले हैं। पाकिस्तान का फैजान गजवा-ए- हिंद का एडमिन है। बाद में उसने फुलवारी के मरगूब को भी ग्रुप का एडमिन बनाया। 2016 से ये वाट्सएप, ईमेल के माध्यम से लोगों के संपर्क में हैं। इनके तार आतंकी संगठनों से जुड़े पाए गए हैं। मोबाइल में कई पाकिस्तानी नंबर भी मिले हैं। इनके मैसेज देश, संप्रदाय विरोधी, भड़काऊ, आपत्तिजनक, गैरकानूनी और पूरी तरह असंवैधानिक हैं।

दुबई में 14 साल नौकरी कर चुका है मरगूब

एसएसपी के मुताबिक पकड़ा गया मरगूब साल 2006 से 2020 तक दुबई में नौकरी कर चुका है। 2021 में कोरोना लॉकडाउन में वह पटना आया। इसके बाद फुलवारी के मुनीर कॉलोनी में रहकर स्लीपर सेल के रूप में काम करने लगा। वह वस्तानिया और फोकानिया की डिग्री हासिल कर चुका है।

भारत के नक्शे पर लगा था पाकिस्तानी झंडा
मरगूब के कब्जे से कश्मीर से जुड़े कई भड़काऊ और आतंकी गतिविधि के वीडियो मिले हैं। उसके वाट्सएप डीपी पर भारत के नक्शे को हरे रंग से रंगकर पाकिस्तानी झंडा लगाया गया था। गजवा-ए-हिंद कश्मीर का एक संगठन है। जिसका कमांडर साल 2017 से 2019 तक आतंकी मूसा रहा था। मूसा के 2019 में मारे जाने के बाद अब इब्राहिम इसका कमांडर है। मरगूब की गिरफ्तारी इससे भी जोड़कर देखा जा रहा है।

इन धाराओं में दर्ज हुआ केस
इस मामले में पुलिस ने अलग केस दर्ज किया है। गिरफ्तार संदिग्ध मरगूब के खिलाफ फुलवारीशरीफ थाने में आईपीसी की 121, 121(ए), 120, 153 (ए) समेत कई अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस जब्त मोबाइल और इससे जुड़े 181 लोगों के बारे में जांच कर आगे की कार्रवाई कर रही है।

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