केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रताप राव जाधव ने राज्यसभा में निजी अस्पतालों के फर्जीवाड़े को उजागर करते हुए कहा कि आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत इन अस्पतालों में 3.56 लाख क्लेम रद किए गए हैं। 1,114 अस्पतालों के 643 करोड़ रुपये की कीमत के क्लेम फर्जी पाए गए हैं।
अस्पतालों पर 122 करोड़ का जुर्माना
केंद्रीय मंत्री जाधव ने मंगलवार को राज्यसभा में एक लिखित जवाब में कहा कि अनियमित 1504 अस्पतालों पर 122 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही 549 अस्पतालों को निलंबित किया गया है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के तहत राज्य स्वास्थ्य एजेंसियां (एसएचए) नियमित डेस्क मेडिकल ऑडिट के साथ-साथ फील्ड ऑडिट भी करती हैं। इसमें कुल एक हजार 114 अस्पतालों को पैनल से हटा दिया गया है।
जीबीएस से 12 की मौत
जाधव ने बताया कि महाराष्ट्र में गुलियन-बेर-सिंड्रोम (जीबीएस) के 224 मामले सामने आए हैं जिसमें से तीन मार्च तक पीड़ित मरीजों में से 12 लोगों की मौत हो चुकी है। जांच में पता चला है कि यह रोग कैम्पीलोबैक्टर संक्रमण से होता है जो डायरिया का कारण है। इसमें ज्यादातर मामले पुणे और नांदेड़ के हैं।
200 कैंसर डे केयर सेंटर खुलेंगे
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान अनुपूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि केंद्र सरकार वर्ष 2025-26 में देश भर के अस्पतालों में दो सौ से अधिक कैंसर डे केयर सेंटर खोल रही है। जहां कैंसर के इलाज की मूलभूत सुविधाएं मरीजों को कराई जाएंगी। अगले तीन सालों में यह सभी केंद्र स्थापित कर दिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सस्ता और सुलभ बनाने का प्रयास कर रही है। इसके लिए राज्यों को तकनीकी और वित्तीय सहयोग दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि झज्जर में स्थापित एम्स में देश का सबसे बड़ा कैंसर केयर सेंटर स्थापित किया जाएगा जिसमें 700 बेड होंगे।
आशा कर्मियों के भत्ते बढ़ेंगे
जेपी नड्डा ने बताया कि देश में आशा कर्मियों के कामकाज से शिशुओं और गर्भवती महिलाओं की मृत्यु दर में कमी आई है। उनकी बड़ी भूमिका को सरकारी मान्यता के रूप में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के स्थायी समूह ने आशा कर्मियों के भत्ते बढ़ाने की सिफारिश की है।
उन्होंने बताया कि एक हफ्ते पहले इस संबंध में बैठक हुई थी और उन्हें वित्तीय लाभ दिए जाएंगे। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि केरल सरकार को सारी देय राशि दी जा चुकी है, लेकिन उनकी ओर से अभी तक उसके उपयोग का सटिर्फिकेट नहीं आया है।