विदेशी सैनिकों के अफगानिस्तान छोड़ने के बाद वहां की हालत बदतर और दयनीय होती जा रही है। एक बार फिर तालिबान ने दिखा दिया कि वह सिर्फ खौफ और दहशत की बोली बोलता है। तालिबान द्वारा अफगानिस्तान की सड़कों पर खुलेआम हिंसा की जा रही है। महिलाएं व बच्चे खून से लथपथ मिल रहे हैं।
तालिबानी लड़ाके रॉकेट लॉन्चर्स लिए सड़कों पर गश्त लगते नजर आ रहे हैं। लोगों को डंडे और कोड़े से पीटा जा रहा है। इतना ही नहीं पुरुषों का मुंह काला कर उनके गले में रस्सी डाल परेड निकाली जा रही है। काबुल एयरपोर्ट पर लोग देश छोड़ने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। इन पर तालिबान ने डंडों, कोड़ों और नुकीले औजारों से हमले किए। जालिमों ने बच्चों तक को नहीं छोड़ा।
तालिबान लोगों के बीच अपना खौफ पैदा करने पर बहुत जोर देता है। पुरुषों के चेहरे पर कालिख पोत, उन्हें गले में रस्सी डालकर सड़क पर घुमाया जा रहा है। अभी तक अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद तालिबान यही राग अलाप रहा था कि वह शांति से शासन करेगा। लेकिन इंटरनेट पर आई तस्वीरों को देखकर यही लगता है कि तालिबान क्रूर शरिया कानून लागू करने वाला है।
अफगानी लोग काबुल एयरपोर्ट पहुंचने का प्रयास कर रहे थे। वे निहत्थे थे, लेकिन फिर भी तालिबानियों ने उन पर हथियार चलाए। इस क्रूर हरकत में 12 लोग गम्भीर रूप से घायल हो गए। तस्वीर में देखा जा सकता है कि कैसे तालिबान का खौफ लोगों के चेहरे पर है। शांति की बजाय तालिबान की बर्बरता ही दिख रही है।
वहीं काबुल एयरपोर्ट पर तालिबानी हमले में एक महिला घायल हो गई थी। ऐसे में दो लोग उसे उठाकर ले जा रहे थे। ये लोग तालिबानी हमले में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे तभी तालिबान ने हमला कर दिया था। पहले तो तालिबान बोल रहा था कि जो लोग देश छोड़ जाना चाहते है उन्हें वह नहीं रोकेगा।