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हाईकोर्ट का फैसला: मां ने लगाई थी अर्जी, 16 वर्षीय नाबालिग रेप पीड़िता को गर्भपात कराने की अनुमित

बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने गुरुवार को एक 16 वर्षीय नाबालिग रेप पीड़िता (Minor Rape Survivor) को गर्भपात (Abortion) कराने की अनुमित दे दी. नाबालिग 29 सप्ताह से प्रेग्नेंट है. जस्टिस उज्ज्वल भुयान और जस्टिस माधव जामदार की डिवीजन बेंच ने हाईकोर्ट द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के बाद यह फैसला सुनाया. नाबालिग रेप पीड़िता की मां ने बच्ची के गर्भपात के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी. कोर्ट को बताया गया था कि इस साल रेप के बाद नाबालिग गर्भवती हो गई थी. एशले कुशेर इस मामले में पीड़िता का पक्ष रख रहे थे.

सुनवाई के बाद कोर्ट ने जेजे अस्पताल को एक मेडिकल बोर्ड गठित करने और याचिकाकर्ता की बेटी की जांच करने को कहा था. आदेश में कहा गया कि मेडिकल बोर्ड ने बताया है कि मेडिकल जांच के बाद पीड़िता की सेहत सामान्य पाई गई. हालांकि पीड़िता की मां इस घटना से दुखी हैं और नाबालिग को आगे चलकर प्रेग्नेंसी संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है और पीड़िता की मां की मानसिक स्थिति पर भी इसका दुष्प्रभाव हो सकता है. ऐसे में मेडिकल बोर्ड ने गर्भपात कराने का सुझाव दिया है.

कोर्ट ने इसके बाद पीड़िता को जेजे अस्पताल में गर्भपात कराने की अनुमति दे दी. कोर्ट ने कहा कि पीड़िता का कथित तौर पर रेप हुआ है इसलिए मेडिकल टीम को जरूरी सैंपल लेने चाहिए और इन सैंपल्स को जांच एजेंसी को दे देना चाहिए. इस मामले में पालघर जिले के नालासोपारा में एफआईआर दर्ज की गई है. कोर्ट ने अबॉर्शन ट्रीटमेंट के दौरान ब्लड, डीएनए सैंपल आदि लेने के आदेश दिए हैं जिससे की आपराधिक जांच में मदद के लिए एजेंसियों को मदद मिल सके. कोर्ट ने कहा है आगे की जानकारी कोर्ट को अगली तारीख या उससे पहले दी जाए. कोर्ट ने मामले में सुनवाई की अगली तारीख 20 सितंबर रखी है.

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